रतलाम (18 अगस्त 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। आज प्रदेश का हर कोना विकास कार्यों से सज-संवर रहा है। हम प्रदेश के किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। दुग्ध उत्पादन में तेजी लाकर हम वर्ष 2028 तक मध्यप्रदेश को मिल्क केपिटल बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिर्फ भैंस का नहीं, हमारी सरकार अब गाय का दूध भी खरीदेगी। हम गाय के दूध की खरीदी की कीमत भी ज्यादा देंगे। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के जरिए हमने तय किया है कि 25 गाय और 42 लाख रुपये तक की गौशाला यूनिट स्थापित करने पर दूध और अन्य उत्पाद तो पशुपालक के होंगे, सरकार पशुपालक को 10 लाख रुपये प्रोत्साहन अनुदान के रूप में देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी गौशालाओं के निर्माण पर सरकार निवेश लागत की 25 प्रतिशत तक की निवेश राशि अनुदान के रुप में माफ करेगी। मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर क्षेत्र के धार्मिक स्थल कोटेश्वर एवं विरुपाक्ष महादेव में विकास कराने की बात कही।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को रतलाम ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के कुंडाल गांव में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर करीब 246 करोड़ रुपए की लागत वाले विभिन्न 57 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें 158.64 करोड़ के 37 कार्यों का लोकार्पण और 87.27 करोड़ लागत के कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है। कार्यक्रम को रतलाम-झाबुआ लोकसभा क्षेत्र की सांसद अनीता नागर सिंह चौहान एवं रतलाम ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामोर ने भी संबोधित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों के संबंध में प्रस्ताव रखें। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जनजातीय परंपरा की पहचान पगड़ी, बंडी, चांदी का कड़ा पहनाकर और तीर-कमान देकर स्वागत किया गया। इस मौके पर सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप, विधायक जावरा डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष लालाबाई चंद्रवंशी, पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी, पूर्व सांसद गुमान सिंह डामोर, जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।