भोपाल (09 सितंबर 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन परिवहन के भविष्य का प्रतिनिधित्व करने के लिये तैयार हो रहा है। इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। जलवायु परविर्तन से लड़ने के वैश्विक जनादेश और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण लक्ष्यों को हासिल करना मध्यप्रदेश की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व ईवी दिवस पर लोगों से कार्बन उत्सर्जन कम करने और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया है। इलेक्ट्रिक वाहन जनसहयोग से कार्बन उत्सर्जन को कम करने में तेजी लाने के लिए सबसे प्रभावी समाधान हैं। मध्यप्रदेश में जल्दी ही इलेक्ट्रिक वाहन संवर्धन बोर्ड का गठन किया जायेगा। यह अंतर विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने और विभिन्न मुददों का समाधान निकालने के लिए जिम्मेदार होगा। मध्यप्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग में आदर्श राज्य बनाने और इस क्षेत्र में उत्कृष्ट उदाहरण स्थापित करने के लिये प्रयास किये जा रहे हैं।
मध्यप्रदेश की इलेक्ट्रिक वाहन नीति में रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में छूट के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिये वित्तीय प्रोत्साहन दिया जायेगा। चार्जिंग और स्वैपिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर लगाने में तेजी लाने के प्रयासों को भी प्रोत्साहन दिया जायेगा। प्रदेश में ईवी उदयोग के लिए आवश्यक कौशल के साथ कार्यबल तैयार करने के लिए नीति में इंजीनयिरिंग कालेजों और आईटीआई में ईवी और ईवी संबंधित पाठयक्रम भी शुरू किये जायेंगे। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन को ईवी मॉडल सिटी के रूप में स्थापित किया जायेगा। मध्यप्रदेश का लक्ष्य है कि 2070 तक भारत को अपने शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहयोग करे और स्वयं को कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने वाले राज्यों में पहला स्थान हासिल करे।