इंदौर (05 जुलाई 26)। भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने इस कार्य को पारदर्शिता, दक्षता और व्यवस्थित तरीके से पूरा कर देश के लिए एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से सीधा संवाद करते हुए कहा कि बीएलओ लोकतंत्र की नींव हैं और निष्पक्ष एवं विश्वसनीय चुनाव प्रक्रिया में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि भारत की चुनाव प्रणाली विश्व की सबसे पारदर्शी और भरोसेमंद व्यवस्थाओं में से एक है। मतदाता सूची तैयार करने से लेकर मतदान और मतगणना तक प्रत्येक चरण में राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने बताया कि इसी पारदर्शी व्यवस्था के कारण भारत वर्ष 2026 में इंटरनेशनल आइडिया की अध्यक्षता कर रहा है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग का लक्ष्य प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदाता सूची में शामिल करना और मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट तथा अपात्र मतदाताओं के नाम हटाकर सूची को अधिक शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान इसी संवैधानिक दायित्व को पूरा करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ज्ञानेश कुमार ने बताया कि देश में लगभग 95 करोड़ मतदाता हैं और चुनाव प्रक्रिया को सफल बनाने में करीब 1 करोड़ 80 लाख चुनावकर्मी अपनी सेवाएं देते हैं। उन्होंने आयोग के डिजिटल नवाचारों का उल्लेख करते हुए ह्यईसीआई नेटह्ण एप को मतदाताओं और बीएलओ के बीच प्रभावी संपर्क का माध्यम बताया।
कार्यक्रम में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रामप्रताप सिंह जादौन तथा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शिवम वर्मा उपस्थित रहे। इस अवसर पर एसआईआर अभियान की उपलब्धियों पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया। बीएलओ ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त से संवाद कर अपने अनुभव साझा किए, जिस पर उन्होंने उनके समर्पण और सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि सशक्त मतदाता ही सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला है।