खजुराहो (21 अक्टूबर 25)। मध्यप्रदेश के खजुराहो को जल्द ही एक ऐतिहासिक सौगात मिलने जा रही है। यहां सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा एयरबेस बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। भारतीय वायुसेना और रक्षा मंत्रालय की संयुक्त टीम ने खजुराहो में विस्तृत सर्वेक्षण किया है। शुरुआती रिपोर्ट सकारात्मक रही है, और यदि आगे सब कुछ ठीक रहता है तो जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, खजुराहो एयरपोर्ट के पास लगभग 100 एकड़ जमीन को एयरबेस निर्माण के लिए चिह्नित किया गया है। यहां पर फाइटर जेट्स और सैन्य विमानों का बड़ा बेड़ा तैनात किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय ने नए एयरबेस के लिए ग्वालियर, खजुराहो, झांसी और इलाहाबाद सहित चार संभावित स्थानों का सर्वे किया था, जिनमें खजुराहो को सामरिक दृष्टि से सबसे उपयुक्त माना गया है। सैन्य सूत्रों के अनुसार, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद वायुसेना को सेंट्रल इंडिया में एक नए रणनीतिक एयरबेस की आवश्यकता महसूस हुई थी, जहां से तेज़ प्रतिक्रिया मिशन और रक्षा अभियानों को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके। खजुराहो में किए गए सर्वे में भू-आकृतिक, सुरक्षा और विस्तार की सभी शर्तें अनुकूल पाई गई हैं।
खजुराहो कम आबादी वाला पठारी क्षेत्र है, जिससे सुरक्षा और विस्तार दोनों के लिहाज से यह उपयुक्त है। यहां की सड़क और हवाई कनेक्टिविटी भी उत्कृष्ट है। साथ ही, खजुराहो की स्थिति पाकिस्तान की सीमा से न तो बहुत दूर, न बहुत पास है, जिससे यह स्थान भविष्य के रक्षा अभियानों के लिए आदर्श बनता है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि यदि अगली रिपोर्ट भी सकारात्मक रहती है तो भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई कुछ ही महीनों में शुरू की जा सकती है। इसके बाद एयरबेस निर्माण का प्रथम चरण 2026 में शुरू होने की संभावना है। यदि यह एयरबेस बनता है, तो यह न केवल खजुराहो बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए सुरक्षा, रोजगार और विकास का नया केंद्र साबित होगा। क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, उद्योग और पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।