भोपाल (30 सितंबर 26)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के समग्र विकास और जनहित को गति देने के लिए लगभग 24 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी दी। युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए मंत्रि-परिषद ने पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वन रक्षक और आबकारी आरक्षक जैसी वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का बड़ा फैसला किया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों के मानदेय के लिए आगामी पांच वर्षों के लिए 5,329.17 करोड़ रुपये, स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश राशि के लिए 348 करोड़ 7 लाख रुपये तथा स्वास्थ्य केंद्रों व औषधि नियंत्रण के लिए 3,245 करोड़ 80 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। अधोसंरचना विस्तार के तहत 4,470 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से दमोह-कटनी 4-लेन मार्ग निर्माण, ग्रामीण विकास निधि के लिए 3,580 करोड़ 22 लाख रुपयें और सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत उज्जैन की कान्ह डायवर्सन परियोजना सहित दतिया, नीमच व सागर की बंडा वृहद सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता को स्वीकृति दी गई। यह निर्णय प्रदेश में रोजगार, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण को गति प्रदान करेंगे।
मंत्रिपरिषद ने प्रदेश की वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मंत्रि-परिषद के निर्णय अनुसार अब गृह विभाग के अंतर्गत आरक्षक (सामान्य ड्यूटी)की भर्ती में होमगार्ड को 10, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। सत्र 2026-27 में कक्षा 1 से 8 तक शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र और छात्राओं के लिये गणवेश की राशि डीबीटी के माध्यम से छात्र, छात्राओं और पालकों के खातों में प्रदाय करने के लिए 348 करोड़ 7 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। अतिथि शिक्षकों के मानदेय प्रदाय संबंधी योजना को आगामी 5 वर्षों 2026-27 से 2030 -31 तक निरंतर संचालन के लिए 5,329 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।
मंत्रि-परिषद ने जिला चिकित्सालय सिंगरौली में अतिरिक्त 155 बिस्तरों की वृद्धि करते हुए 450 से 605 बिस्तरीय चिकित्सालय में विस्तार कार्य के साथ आंतरिक और बाह्य विकास कार्यों तथा बॉयोमेडिकल उपकरण एवं अस्पताल फर्नीचर आदि कार्य के लिए 372 करोड़ 12 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी है। दमोह-कटनी मार्ग लम्बाई 105.10 कि.मी. का 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर के साथ हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल (एच.ए.एम) के लिए बनाए गए मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट के आधार पर निर्माण के लिए 4,470 करोड़ 30 लाख रूपये (जीएसटी सहित) की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत तीन योजनाओं के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 3,245 करोड़ 80 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।
मंत्रि-परिषद ने छिन्दवाडा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल एवं अन्य भवनों का निर्माण तथा सभी संबंद्ध सेवाओं सहित बाहय विकास कार्यों के लिए 953 करोड़ 69 लाख रूपयें की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी है। दतिया जिले की माँ रतनगढ़ बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 1,608.02 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। नीमच जिले की रामपुरा मनासा सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 524 करोड़ 65 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। सागर जिले के बण्डा तहसील के ग्राम उल्दन में धसान नदी पर प्रस्तावित बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना के वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 1,052 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग की 14 प्रमुख योजनाओं की 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 1,342 करोड़ 48 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।
मंत्रि-परिषद ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग के पंजीयक, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के अंतर्गत निर्वाह पत्र तामिल से संबंधित योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिये निरंतरता के लिए 622 करोड़ 37 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। राज्य में उत्पादित वनोपज (खनिज वनोपज, लघु वनोपज एवं बांस को छोड़कर) तथा अन्य राज्यों से आयातित वनोपज के परिवहन के लिए अभिवहन शुल्क एवं अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एन.ओ.सी) शुल्क की नवीन दरों को स्वीकृति प्रदान की है। मंत्रि-परिषद ने केन्द्र प्रवर्तित योजना "न्यायालय भवनों का निर्माण" में स्वीकृत निर्माण कार्यों के लंबित दायित्वों में भारत सरकार द्वारा नियत की गई अधिकतम व्यय सीमा से अधिक की राशि 691 करोड़ 1 लाख रूपये का भुगतान राज्य शासन द्वारा राज्य योजना में उपलब्ध करायी गई राशि से किए जाने की अनुमति प्रदान की है।