Tuesday, 29 Sep 2026

मप्र जीसीसी नीति लागू करने वाला भारत का पहला राज्य

भोपाल (01 फरवरी 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने भारत की पहली समर्पित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) नीति 2025 लागू की है। इससे राज्य नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता का केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर हो गया है। यह नीति भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे टियर-2 शहरों को वैश्विक परिचालन केंद्रों के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त करेगी, जिससे भारत में विस्तार की चाह रखने वाले व्यवसायों को प्रतिस्पर्धी लाभ मिलेगा। आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी-2023 की सफलता को आगे बढ़ाते हुए यह नई नीति मध्यप्रदेश को एक सशक्त जीसीसी ईको सिस्टम प्रदान करने और राज्य को भारत के तकनीकी विकास में अग्रणी बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हाल ही में इस नीति को कैबिनेट की स्वीकृति मिल चुकी है, जो इसके रणनीतिक महत्व और प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाती है।

भारत पहले से ही वैश्विक जीसीसी परिदृश्य में अग्रणी है, जहां इसका 50% से अधिक बाजार हिस्सेदारी है और 2023 में यह सेक्टर 46 अरब डॉलर का था, जो 2030 तक 110 अरब डॉलर से अधिक होने की संभावना है। वर्तमान में भारत में 1,600 से अधिक जीसीसी परिचालन में हैं, जहां 19 लाख से अधिक पेशेवर कार्यरत हैं और 2030 तक यह संख्या 45 लाख तक पहुंचने की उम्मीद है। मध्यप्रदेश के लिए यह क्षेत्र में प्रवेश करने का उपयुक्त समय है, जिससे वह 2030 तक अनुमानित 2,400 से अधिक जीसीसी केंद्रों में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी प्राप्त कर सकेगा। मध्यप्रदेश की जीसीसी नीति में पारंपरिक परिचालन के लिए लेवल-1 जीसीसी और उच्च-मूल्य नवाचार के लिए एडवांस जीसीसी को लक्षित किया गया है। 


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