भोपाल (13 जनवरी 26)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में ई-गवर्नेंस व्यवस्था को विस्तार देते हुए आज मंत्रि-परिषद की बैठक में टैबलेट लेकर पहुंचे। उल्लेखनीय है कि 6 जनवरी को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर प्रदेश में ई-कैबिनेट की प्रक्रिया आरंभ करने के उद्देश्य से मंत्रीगण को टैबलेट उपलब्ध कराए गए थे। साथ ही मंत्रि-परिषद के समक्ष ई-टैबलेट एप्लीकेशन का प्रस्तुतिकरण हुआ था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस पहल से पेपरलेस कार्य प्रक्रिया अपनाने, समय की बचत और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में कहा कि 'संकल्प से समाधान अभियान' 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती 'युवा दिवस' से प्रारंभ किया गया है। यह अभियान चार चरणों में 31 मार्च तक चलेगा। इस अभियान में शासन की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों को दिया जाएगा। इसमें 16 विभागों की 91 योजनाएं/सेवाएं शामिल है। डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार सभी को शुद्ध पेयजल देने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में 'स्वच्छ जल अभियान' आरंभ किया जा रहा है, जो दो चरणों में संचालित होगा। प्रथम चरण 10 जनवरी से 28 फरवरी और द्वितीय चरण एक मार्च से 31 मार्च के मध्य संचालित होगा। 15 जनवरी को बाबई नर्मदापुरम से लाडली बहनों के खाते में जनवरी माह की 1500 रूपये की किश्त डाली जाएगी। डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 से 11 जनवरी 2026 तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाने का आहवान किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम मुस्कुरा रहे हैं। उज्जैन में श्री महाकाल महालोक और वाराणसी में बाबा विश्वनाथ की भव्यता से संसार आलोकित हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 10 जनवरी को भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित विशाल किसान सम्मेलन में वर्ष 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मनाने की घोषणा की गई। डॉ. यादव ने बताया कि जंगली भैंसे, गेंडे एवं किंग कोबरा मध्यप्रदेश आयेंगे। उन्होंने गुवाहाटी प्रवास के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ वन्य जीवों के आदान-प्रदान को लेकर चर्चा की है। दोनों राज्यों के बीच में सहमति बनी कि असम से 50 जंगली भैंसे 3 समूहों में 3 साल में, गेंडे का जोड़ा और किंग कोबरा मध्यप्रदेश भेजे जायेंगे। डॉ. यादव ने बताया कि उन्होंने असम प्रवास के दौरान गुवाहाटी के समीप स्थित ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के केंद्र और 'सिल्क विलेज' के नाम से विख्यात सुआलकुची पहुँचकर रेशम उत्पादन की प्राचीन और पारंपरिक प्रक्रिया को बेहद करीब से देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत, दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इको-सिस्टम बन चुका है। मध्यप्रदेश में 6500 से अधिक रजिस्टर्ड स्टार्ट-अप संचालित हो रहे हैं। इनमें से 3100 से अधिक स्टार्ट-अप को महिलाएं लीड कर रही हैं।