इंदौर (09 जनवरी 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में प्लास्टिक उद्योग के विकास की अपार संभावनाएं हैं। यह उद्योग का नया क्षेत्र है और इसका बड़ा बाजार है। इस उद्योग में रोजगार की भी बेहतर और बड़े अवसर हैं। प्लास्टिक उद्योग के विकास के लिए इसके दुष्प्रभाव को दूर कर सावधानी रखते हुए आगे बढ़ेंगे। प्लास्टिक के दुष्प्रभावों को दूर करने के लिए रियूज और वेस्ट मैनेजमेंट को बढ़ावा दिया जाएगा। रियूज और वेस्ट मैनेजमेंट की तकनीक को विकसित करने के लिए वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की मदद भी ली जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को इंदौर में प्रारंभ हुए प्लास्टिक उद्योग सम्मेलन प्लास्टपैक 2025 को संबोधित कर रहे थे। यह सम्मेलन 12 जनवरी तक उद्योग मेले के रूप में चलेगा। इसमें प्लास्टिक उद्योग से जुड़ी 400 से अधिक कंपनियां और 2 हजार से अधिक प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के सहयोग से हो रहा है। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला तथा मधु वर्मा, महापौर परिषद के सदस्य अभिषेक शर्मा तथा इंडियन प्लास्टपेक फोरम के चेयरमेन सचिन बंसल आदि मौजूद थे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में इंडियन प्लास्ट पैक फोरम के चेयरमेन सचिन बंसल ने स्वागत भाषण देते हुए आयोजन के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के साझा प्रयासों से आयोजित इस विशाल सम्मेलन में 400 से अधिक कंपनियां अपनी नवीनतम तकनीक, उत्पाद और नवाचारों का प्रदर्शन कर रही हैं। इस आयोजन में 2 हजार से अधिक प्रदर्शक भाग ले रहे है। एक्जीबिशन सेंटर को छह अलग अलग डोम में विभाजित किया गया है, जहां लाइव मशीनों और उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है।