भोपाल (30 अगस्त 26)। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं एवं फिटनेस गतिविधियां आयोजित की गई हैं। राजधानी भोपाल स्थित मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में मैत्री हॉकी मैचों का आयोजन किया गया। टीटी नगर स्टेडियम में स्पोर्ट्स साइंस सेमिनार, कराते, बॉलीबाल, वेटलिफ्टिंग, फुटबॉल, जूडो, बॉक्सिंग, कुश्ती सहित पैरेंट्स फन गेम्स हुए। इन आयोजनों में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने शामिल होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। मंत्री सारंग ने 6 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए हॉकी फीडर सेंटर शुरू करने की घोषणा की। मंत्री सारंग ने कहा कि इस फीडर सेंटर में कम उम्र से ही बच्चों की खेल प्रतिभा को उचित प्रशिक्षण एवं मंच देकर उनका समुचित विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा। स्पोर्ट्स साइंस सेमिनार में शामिल होकर मंत्री सारंग ने कहा कि स्क्रीन टाइम घटाएं और एक घंटा खेल मैदान में बिताएं, जिससे युवाओं को शारीरिक, मानसिक सहित समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके। सेमिनार में पोषण, इंजरी सहित अन्य विषयों पर विषय विशेषज्ञों द्वारा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यक्रम में पहला मैत्री हॉकी मुकाबला एमपी अकादमी और भोपाल वांडर्स के बीच खेला गया। इसमें एमपी अकादमी ने 3-0 से मैच जीता। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने मैदान पर शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों में उत्साह पैदा किया। मुकाबले के दौरान खिलाड़ियों ने तेज आक्रमण, मजबूत डिफेंस और बेहतर तालमेल का प्रदर्शन किया। वहीं महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महिला वर्ग में रायसेन क्वीन और भोपाल टाइग्रेस के बीच मैत्री हॉकी मैच हुआ। जिसमें भोपाल टाइग्रेस ने शूट आउट में 3-2 से मैच जीती। मंत्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में 11 खेल अकादमियों का संचालन किया जा रहा है। इन अकादमियों में प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण देकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा रहा है। मंत्री सारंग ने कहा कि अब खेल अकादमियों के लिए प्रतिभाओं को और कम उम्र से तैयार करने की व्यवस्था की जा रही है। इसके तहत 6 से 12 वर्ष तक के बच्चों को फीडर सेंटर के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रयास है कि प्रतिभाओं की तलाश केवल अकादमी स्तर पर नहीं, बल्कि उससे भी नीचे स्तर से हो। फीडर सेंटर के माध्यम से छोटे बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचाना जाएगा, उन्हें प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया जाएगा और उनकी क्षमता अनुसार आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।