Tuesday, 29 Sep 2026

मप्र स्पेस, एयरो एंड डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग का हब बनेगा

जबलपुर (28 अगस्त 26)। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज का दिन भारतीय सेना को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में रक्षा मंत्रालय को मध्यप्रदेश से पूरा सहयोग मिल रहा है। भोपाल में हुई जीआईएस के अवसर पर पारदर्शी एवं सुगम नीतियों को प्रदेश में लागू किया गया। यह उद्योग अनुकूल नीतियां राज्य में औद्योगिक इकाइयों को आकर्षित कर रही हैं। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में डिफेंस सेक्टर की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट और इसमें 16 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश राज्य की सोच को दर्शाता है। मध्यप्रदेश में स्पेस, एयरो एंड डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाने की मजबूत नींव रखी जा रही हैं। रक्षा मंत्री ने जबलपुर स्थित व्हीकल फैक्ट्री में टी सीरिज टैंक ओव्हरहॉल परियोजना के भूमि पूजन अवसर पर यह विचार व्यक्त किए। 

केंद्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि जबलपुर में 'टी-सीरीज टैंक ओव्हरहॉल प्रोजेक्ट इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि जंग में इन्हीं टैंक के सहारे हमारे जवान दुश्मन को नेस्तनाबूत कर देते हैं। वैश्विक स्तर पर युद्ध की नई तकनीक विकसित हो चुकी है। ऐसे में सेना को निरंतर अपग्रेड रखना जरूरी है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक जंग के तरीकों में ड्रोन, मिसाइल और सायबर तकनीक शामिल हैं, लेकिन लड़ाई में आज भी टैंक की प्रासंगिकता खत्म नहीं हुई है। टैंक ग्राउंड ऑपरेशन में जवानों को आगे बढ़ने में मदद करते हैं। टैंक की भूमिका तकनीक के विकास के साथ बदल रही है। हमारे जवानों के पास ड्रोन भी हो और आधुनिक तकनीक वाले टैंक भी हों और दोनों के बीच बेहतर समन्वय हो, हम इसी रणनीति पर कार्य कर रहे हैं। जबलपुर की यह परियोजना स्थानीय लोगों को रोजगार और छोटे उद्यमियों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराएगी। जबलपुर नई टेक्नोलॉजी के साथ डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग में हब बनेगा। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के सतत प्रयासों से भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। रक्षामंत्री सिंह का संकल्प वज्र के समान अडिग है। उनके नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर दुनिया को नए भारत की शक्ति और पराक्रम का परिचय दिया है। रक्षामंत्री  सिंह केवल लक्ष्य तय नहीं करते, बल्कि उन्हें हासिल करने का विश्वास भी देते हैं। भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड के माध्यम से प्रदेश को मिली बड़ी सौगात के बाद अब जबलपुर में आरंभ हो रही 'टी-सीरीज टैंक ओव्हरहॉल परियोजना' देश की रक्षा क्षमता को और मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना सिर्फ रक्षा आधुनिकीकरण नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत, सशक्त सेना और नए भारत के पराक्रम का प्रतीक भी है। रक्षाबंधन से एक दिन पहले आज जबलपुर की धरती से बॉर्डर की रक्षा के लिए नए प्रकल्प की शुरुआत हो रही है। आज जबलपुर को लगभग 475 करोड़ से अधिक लागत की नई परियोजना की सौगात मिली है। टी-सीरीज टैंक के ओव्हरहॉल प्रोजेक्ट के माध्यम से भारतीय सेना नए दौर में प्रवेश कर रही है। जबलपुर की आर्मर्ड फैक्ट्री ने अपने काम के बल पर देशभर में विशेष पहचान बनाई है। भविष्य में आने वाली चुनौतियों के चलते सेना को मजबूत बनाने के लिए मध्यप्रदेश स्थित अलग-अलग फैक्ट्रियों से उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। रक्षा मंत्री ने जबलपुर स्थित व्हीकल फैक्ट्री में टी सीरिज टैंक ओव्हरहॉल परियोजना के भूमि पूजन अवसर पर यह विचार व्यक्त किए। 

आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिडेट (एवीएनएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सत्यव्रत मुखर्जी ने कहा कि भारतीय सेना को शक्तिशाली बनाए रखने में टी-सीरीज टैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जबलपुर में इस परियोजना के माध्यम से प्रतिवर्ष 80 टैंकों को ओव्हरहॉल किया जा सकेगा। एवीएनएल जबलपुर सेना के लिए कई प्रकार के वाहन तैयार कर रही है। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सांसद आशीष दुबे, विधायक अभिलाष मिश्रा, अशोक रोहाणी, महापौर जगत बहादुर अन्नू, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार तथा भारतीय सेना के अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीयजन उपस्थित थे।


Tags:

Follow us

This question is not available..!