Wednesday, 07 Oct 2026

मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक को 15 साल की जेल

क्वालालंपुर (27 दिसंबर 25)। मलेशिया के प्रभावशाली पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक को शुक्रवार को 1MDB घोटाले के सबसे बड़े मुकदमे में करारा झटका लगा। हाई कोर्ट ने उन्हें सत्ता के दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग का दोषी ठहराते हुए 15 साल अतिरिक्त जेल की सज़ा सुनाई और 2.8 बिलियन डॉलर (करीब 11.39 बिलियन रिंगिट) का भारी जुर्माना लगाया। यह फैसला न सिर्फ कानूनी बल्कि राजनीतिक तौर पर भी दूरगामी असर डालने वाला माना जा रहा है। मलेशियाई और अमेरिकी जांच एजेंसियों के अनुसार, सरकारी फंड 1मलेशिया डेवलपमेंट बरहाद (1MDB) से कम से कम 4.5 बिलियन डॉलर की हेराफेरी की गई थी, जिसे नजीब ने 2009 में प्रधानमंत्री बनने के बाद सह-स्थापित किया था।

अदालत के मुताबिक, इस घोटाले से कथित तौर पर एक बिलियन डॉलर से ज्यादा रकम नजीब से जुड़े खातों में पहुंची। 72 वर्षीय नजीब पहले ही 2022 में एक अन्य 1MDB मामले में जेल भेजे जा चुके हैं और लगातार दावा करते रहे हैं कि उन्हें मलेशिया के सबसे बड़े वित्तीय घोटाले में बलि का बकरा बनाया गया। हालांकि, करीब पांच घंटे तक चले फैसले में हाई कोर्ट के जज कॉलिन लॉरेंस सेक्वेराह ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि नजीब का यह कहना कि उन्हें बार-बार धोखा दिया गया, 'कल्पना को शुद्ध कल्पना के दायरे में ले जाने जैसा' है। अदालत ने नजीब को सत्ता के दुरुपयोग के सभी चार मामलों और मनी लॉन्ड्रिंग के सभी 21 आरोपों में दोषी ठहराया। मौजूदा सज़ा 2028 में पूरी होने के बाद, हर सत्ता-दुरुपयोग के मामले में 15 साल और हर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 5 साल की सज़ा साथ-साथ चलेगी। इसके अलावा कोर्ट ने 2.08 बिलियन रिंगिट की संपत्ति जब्त करने का आदेश भी दिया है, ऐसा न करने पर अतिरिक्त जेल की सज़ा भुगतनी होगी। नजीब के वकील मुहम्मद शफी अब्दुल्ला ने कहा है कि वे इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे।

Tags:

Follow us

This question is not available..!