उज्जैन (13 जुलाई 26)। श्रावण-भादौ मास में भगवान महाकाल की सवारियां निकाली जाएंगी। श्रावण मास की प्रथम सवारी 3 अगस्त को निकाली जाएगी। भादौ मास में भगवान महाकाल की अंतिम राजसी (शाही) सवारी 7 सितंबर को निकलेगी। श्रावण मास में चार सवारियां एवं भादौ मास में दो सवारियां निकलेंगी।
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर रोशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में श्री महाकाल मंदिर परिसर स्थित ग्रीन रूम के पीछे सभाकक्ष में बैठक संपन्न हुई। बैठक में भगवान महाकाल की सवारी के संबंध में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था बेहतर हो और उन्हें बेहतर और सुव्यवस्थित ढंग से सवारी के दर्शन हो सकें, ऐसा प्रयास किया जाएगा।
सवारियों के क्रम में प्रथम सवारी 3 अगस्त, द्वितीय सवारी 10 अगस्त, तृतीय सवारी 17 अगस्त , चतुर्थ सवारी 24 अगस्त को श्रावण मास में निकाली जाएगी। इसी तरह भादौ मास में पंचम सवारी 31 अगस्त तथा राजसी (शाही) सवारी 7 सितंबर को निकाली जाएगी।
यह रहेगा सवारी मार्ग- सवारी श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभा मंडप में पूजन-अर्चन उपरांत अपने निर्धारित समय से प्रारंभ होकर महाकाल लोक, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी से होते हुए रामघाट शिप्रा तट पहुंचेगी। यहां सवारी का पूजन-अर्चन होने के बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती समाज मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी बाजार होती हुई श्री महाकालेश्वर मंदिर में वापस आएगी। राजसी (शाही) सवारी 7 सितंबर को उपरोक्त मार्ग के अतिरिक्त टंकी चौराहा से मिर्जा नईम बेग मार्ग, तेलीवाड़ा चौराहा, कंठाल, सती गेट, सराफा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी। श्रावण-भादौ मास में प्रतिदिन भस्म आरती 30 जुलाई से 7 सितंबर तक प्रात:कालीन पट खुलने का समय प्रात: 3 बजे होगा। प्रत्येक सोमवार को भस्म आरती का समय प्रात: 2.30 बजे होगा। भस्म आरती प्रतिदिन प्रात: 3 से 5 बजे तक और प्रत्येक सोमवार को 2.30 से 4.30 बजे तक होगी। इसी तरह 8 सितंबर से पट खुलने का समय पूर्ववत होगा।
कावड़ यात्रियों की व्यवस्था