मुंबई (07 दिसंबर 24)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का कार्यकाल सकारात्मक रूप से शुरू हुआ है। एनसीपी प्रमुख को बड़ी राहत देते हुए बेनामी संपत्ति लेनदेन रोकथाम अपीलीय न्यायाधिकरण ने उनके और उनके परिवार के खिलाफ बेनामी संपत्ति के स्वामित्व के आरोपों को खारिज कर दिया है। न्यायाधिकरण के फैसले के बाद, आयकर विभाग ने 2021 की जांच के दौरान जब्त की गई बेनामी मामले में उनकी 1,000 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति को मंजूरी दे दी है। न्यायाधिकरण का यह फैसला अजित पवार द्वारा शिवसेना के एकनाथ शिंदे के साथ मुंबई के आजाद मैदान में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के एक दिन बाद आया है, जब देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। न्यायाधिकरण को बेनामी स्वामित्व के दावों का समर्थन करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं मिला और निष्कर्ष निकाला कि 'संदर्भित संपत्तियों' के लिए सभी भुगतान वैध चैनलों के माध्यम से किए गए थे और इसलिए उन्हें बेनामी आरोपों से मुक्त किया जा रहा था। न्यायाधिकरण ने कहा, 'इस बात का कोई सबूत नहीं है कि अजीत पवार या उनके परिवार ने बेनामी संपत्ति हासिल करने के लिए धन हस्तांतरित किया।' बेनामी मामले में एनसीपी नेता और उनके परिवार का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता प्रशांत पाटिल ने सभी आरोपों का खंडन किया और उन्हें निराधार और प्रेरित बताया। समझा जाता है कि उन्होंने यह साबित करने के लिए लेन-देन का विवरण भी साझा किया कि कुछ भी अवैध नहीं था और सब कुछ बैंकिंग चैनलों के माध्यम से किया गया था।