भोपाल (07 अगस्त 24)। उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि मां का दूध शिशु की सुरक्षा का पहला टीका है। यह शिशु के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह आवश्यक पोषक तत्व से परिपूर्ण होता है साथ ही शिशु में रोग-प्रतिरोधक क्षमता के विकास में सहायक है। उन्होंने एनएचएम कार्यालय में स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूकता लाने के लिए सतत प्रयास करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सही समय में और उचित अवधि तक स्तनपान शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में सहायक होगा। उप-मुख्यमंत्री ने मीडिया प्रतिनिधियों से स्तनपान के प्रति जागरूकता लाने के लिए सहयोग प्रदान करने का आह्वान किया। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि माताएं जन्म के 1 घंटे के भीतर नवजात शिशु को स्तनपान प्रारंभ कर दें। नवजात शिशु जन्म से पहले छः माह तक केवल स्तनपान कराया जाना चाहिए। इसके बाद ही पूरक आहार की शुरूआत की जानी चाहिये। एमडी एनएचएम प्रियंका दास ने बताया कि स्तनपान के प्रति जागरूकता लाने के लिए विभाग द्वारा सतत प्रयास किए जा रहे हैं। दस्तक अभियान में मैदानी कार्यकर्ताओं द्वारा 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के परिवारजनों को स्तनपान संबंधी व्यवहारों पर परामर्श दिया जा रहा है। संचालक आईईसी डॉ रचना दुबे ने बताया कि इस वर्ष 'क्लोज़िंग द गैप: ब्रेस्टफ़ीडिंग सपोर्ट फॉर ऑल' थीम पर जागरूकता गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। बैठक में संचालक एमसीएच डॉ. अरुणा कुमार, संचालक एनएचएम केके रावत सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।