भोपाल (14 सितंबर 24)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग और प्रोत्साहन के लिए संकल्पबद्ध है। मध्यप्रदेश प्रमुख हिंदी भाषी राज्य है। मध्यप्रदेश से न सिर्फ डॉक्टर, इंजीनियर हिंदी में शिक्षा ग्रहण कर आगे बढ़ रहे हैं बल्कि अन्य पाठ्यक्रमों के हिंदी में अध्ययन की सुविधा भी दी सकती है। आगे चलकर एमबीए और अन्य पाठ्यक्रमों में भी अध्ययन करके विद्यार्थी कॅरियर का निर्माण कर सकते हैं। हिंदी बोलने वाले हिंदी का गौरव बढ़ाते हैं। मध्यप्रदेश सरकार विद्यार्थियों को मातृ भाषा के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज हिंदी दिवस पर संस्कृति विभाग द्वारा रवीन्द्र भवन में आयोजित राष्ट्रीय हिंदी भाषा सम्मान अलंकरण समारोह में हिंदी-सेवियों को सम्मानित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हिंदी दिवस के अवसर पर भाषा से संबंधित पुनर्रावलोकन भी जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हिंदी की यात्रा उद्गम अवधी से शुरू हुए। अनेक कठिनाइयों के बाद भी हिंदी की विकास यात्रा सुगमता से आगे बढ़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रभाषा दोनों उद्देश्यों के लिए कार्य करने वाले अनेक स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरूषों का स्मरण किया। संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि आज हिंदी में अनेक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। प्रधानमंत्री मोदी और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव हिंदी के प्रयोग को प्राथमिकता देते हैं। संस्कृति विभाग सदैव हिंदी को बढ़ावा देने का कार्य करता है। प्रांरभ में प्रमुख सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन विनय उपाध्याय ने किया। संस्कृति संचालक एनपी नामदेव ने सम्मानित विभूतियों का परिचय पढ़कर सुनाया। कार्यक्रम में पूर्व राज्यसभा सदस्य रघुनंदन शर्मा, साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश के निदेशक डॉ. विकास दवे, विभिन्न साहित्यिक, सांस्कृतिक संस्थाओं के पदाधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि, अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में हिंदी प्रेमी उपस्थित थे।