Wednesday, 07 Oct 2026

मालेगांव ब्लास्ट: साध्वी प्रज्ञा समेत सभी 7 आरोपी बरी

मुंबई (31 जुलाई 25)। महाराष्ट्र के मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को हुए बम धमाके के मामले में मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने आज बड़ा फैसला सुनाया। इस केस के सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया गया है। अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि कोई भी सबूत विश्वसनीय नहीं है।

सभी 7 आरोपी बरी-कोर्ट द्वारा इस मामले में जिन प्रमुख आरोपियों को बरी किया है उनमें पूर्व भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, रिटायर्ड मेजर रमेश उपाध्याय, सुधाकर चतुर्वेदी, अजय राहिरकर, सुधाकर धर द्विवेदी और समीर कुलकर्णी भी इस मामले में आरोपी थे, जिन्हें अदालत ने निर्दोष पाया। अदालत ने जोर देकर कहा कि आरोपियों के खिलाफ कोई भी पुख्ता सबूत उपलब्ध नहीं है जिससे उनके अपराध को साबित किया जा सके। कोर्ट ने पाया कि यह साबित करने के लिए कोई विश्वसनीय सबूत नहीं है कि कर्नल पुरोहित आरडीएक्स लाए थे या बम को असेंबल किया गया था। अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि बम मोटरसाइकिल के बाहर रखा गया था, न कि अंदर। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका कि बम वाली मोटरसाइकिल किसने खड़ी की, खासकर तब जब घटना स्थल रमजान के चलते पहले से सील किया गया था। घटना के बाद की स्थितियों जैसे पत्थरबाजी, नुकसान पहुंचाना या पुलिस की बंदूक छीनने जैसी घटनाओं पर भी कोई स्पष्ट सबूत नहीं मिला। कुछ मेडिकल प्रमाण पत्र अवैध चिकित्सकों द्वारा जारी किए गए थे, जिन्हें अदालत में साबित नहीं किया जा सका। बचाव पक्ष के इस तर्क को कि एटीएस का कालाचौकी कार्यालय एक पुलिस स्टेशन नहीं है, अदालत ने अस्वीकार कर दिया।

मालेगांव के भीकू चौक पर एक दोपहिया वाहन में बम विस्फोट हुआ था। इस धमाके में 6 लोगों की मौत हो गई थी और 101 लोग घायल हुए थे। मृतकों में फरहीन उर्फ शगुफ्ता शेख लियाकत, शेख मुश्ताक यूसुफ, शेख रफीक मुस्तफा, इरफान जियाउल्लाह खान, सैयद अजहर सैयद निसार और हारून शाह मोहम्मद शाह शामिल थे। शुरुआत में इस मामले की एफआईआर स्थानीय पुलिस ने दर्ज की थी, लेकिन बाद में जांच एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) को सौंप दी गई।

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