Thursday, 01 Oct 2026

माल्या-नीरव जैसे भगोड़ों को भारत लाने की तैयारी तेज

नईदिल्ली (07 सितंबर  25)। ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में नई दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल का निरीक्षण किया। यह दौरा भारत द्वारा भगोड़े अपराधियों के प्रत्यर्पण के प्रयासों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल का मकसद था ब्रिटिश अदालतों को यह भरोसा दिलाना कि भारत में प्रत्यर्पित किए गए आरोपियों को मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार जेल में रखा जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, CPS टीम ने तिहाड़ जेल के उच्च सुरक्षा वार्ड का दौरा किया और वहां मौजूद कैदियों से बातचीत भी की। भारतीय अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि अगर ज़रूरत पड़ी तो हाई-प्रोफाइल कैदियों के लिए जेल परिसर में विशेष “एन्क्लेव” बनाया जाएगा, ताकि उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिल सके। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब ब्रिटेन की अदालतें पहले भी भारत के प्रत्यर्पण अनुरोधों को यह कहते हुए खारिज कर चुकी हैं कि भारतीय जेलों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। इन चिंताओं को दूर करने के लिए भारत सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि प्रत्यर्पित व्यक्तियों से किसी भी प्रकार की अवैध पूछताछ नहीं होगी और उनकी सुरक्षा तथा मानवाधिकारों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। वर्तमान में भारत के कुल 178 प्रत्यर्पण अनुरोध विदेशों में लंबित हैं, जिनमें से लगभग 20 मामले ब्रिटेन में हैं। 

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