नईदिल्ली (09 अप्रैल 26)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ऐसे लोगों को वित्त उपलब्ध कराने पर केंद्रित है, जिन्हें ऋण नहीं मिला है। यह योजना उद्यमियों को सशक्त बनाना जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि इन उद्यमियों की 2047 तक राष्ट्र को 'विकसित भारत' बनाने की यात्रा में सक्रिय भागीदारी होगी। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की 11वीं वर्षगांठ के अवसर पर सीतारमण ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने एक मौन बदलाव देखा है, जहां करोड़ों आम नागरिक नए आत्मविश्वास के साथ उद्यमिता के क्षेत्र में आगे आए हैं।
सीतारमण ने कहा कि इसके केंद्र में आठ अप्रैल, 2015 को प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई पहल पीएमएमवाई है, जिसका उद्देश्य ही 'जिन्हें ऋण नहीं मिला, उन्हें वित्त उपलब्ध कराना' था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, 'प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने लाखों लोगों को सपने देखने के आत्मविश्वास और उन्हें पूरा करने के साधनों से सशक्त बनाकर ऋण तक पहुंच को फिर से परिभाषित किया है। बाधाओं को दूर करके और हमारे लोगों की आकांक्षाओं पर भरोसा करके, इसने पूरे भारत में उद्यम की भावना को मजबूत किया है।' वित्त मंत्री ने कहा, '11 साल बाद, यह योजना देश में एमएसएमई और अनगिनत व्यक्तिगत उद्यमियों के लिए ऋण परिदृश्य को नया आकार देने में सहायक रही है। ये वे उद्यमी थे जो अब तक औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से बाहर थे। इस पहल के साथ, ऋण की बाधाओं को दूर करके उद्यमिता का वास्तव में लोकतंत्रीकरण हुआ है।' लाखों लोगों को सशक्त बनाने और समावेशी विकास के दृष्टिकोण को पूरा करने में पीएमएमवाई की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर 57.79 करोड़ से अधिक ऋण स्वीकृत किए गए हैं, जिसके तहत 40.07 लाख करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं।