Monday, 05 Oct 2026

मुर्शिदाबाद में तबाही, हिंदुओं को बनाया निशाना

मुर्शिदाबाद (14 अप्रैल 25)। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और बर्बादी का मंजर रविवार को भी सड़कों पर जले हुए वाहनों, लूटे गये शॉपिंग मॉल और फार्मेसी में तोड़फोड़ के रूप में देखने को मिला। मुर्शिदाबाद में रविवार को सड़कें सुनसान रहीं, दुकानें बंद रहीं और लोग घरों के अंदर ही रहे। 

पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बल धूलिया, शमशेरगंज और सुती क्षेत्रों के संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रहे हैं, जहां पिछले दो दिनों से हिंसा जारी है। मीडिया की टीम जब धुलियान में गई तब कुछ स्थानीय लोगों ने उन्हें एक क्षतिग्रस्त इमारत के भीतर बम के छर्रे तथा फर्नीचर की राख दिखाई, जिन्हें उपद्रवियों ने प्रांगण में जमा कर आग लगा दी थी। एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा, ‘हम अचंभित रह गए, क्योंकि अचानक सैकड़ों लोगों का एक हथियारबंद गिरोह सामने आ गया। वे खून के प्यासे थे और चिल्ला रहे थे कि हमारे समुदाय के किसी भी सदस्य को इस क्षेत्र में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी, क्योंकि हम अधिनियम के माध्यम से वक्फ भूमि को छीनने की साजिश में सहयोग कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'हमने जब उनसे गुहार लगाई, तो उन्होंने हमें कोई नुकसान नहीं पहुंचाया, लेकिन कई बम धमाके किये और मौके से भागने से पहले संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। पुलिस काफी देर बाद पहुंची।' सुती में एक दवा की दुकान का मालिक गश्त कर रहे जवानों से आश्वासन मिलने के बाद अपनी दुकान में हुए नुकसान का आकलन कर रहा था। उसने बताया, 'मैं यहां 50 साल से रह रहा हूं, लेकिन ऐसा तांडव कभी नहीं देखा। एक उन्मादी भीड़ अचानक मेरी दुकान की ओर मुड़ी और इससे पहले कि मैं और मेरे कर्मचारी कुछ कर पाते, वे परिसर में घुस गए, हमारी पिटाई की और दुकान में लूटपाट शुरू कर दी। जब उत्पात जारी रहा, तो हम मौके से भाग गए।' विनाश का ऐसा ही मंजर सुती, शमशेरगंज और धुलियान में भी देखने को मिला और ऐसा लग रहा था जैसे युद्धक्षेत्र हो, क्योंकि भारी हथियारों से लैस केंद्रीय बलों ने पुलिस और त्चरित कार्रवाई बल (आरएएफ) कर्मियों के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजमार्ग और आसपास की गलियों में मार्च किया। सुरक्षाकर्मियों को स्थानीय लोगों से अपने घरों और संपत्तियों के सामने जमा पत्थरों, कंक्रीट के टुकड़ों और ईंटों को हटाने के लिए कहते देखा गया। 

पिता-पुत्र की कर दी थी हत्या- शमशेरगंज के जाफराबाद में शनिवार को उपद्रवियों ने पिता-पुत्र की हत्या कर दी थी। उस घर में जब सुरक्षा बलों और मीडिया कर्मियों ने प्रवेश किया तो परिवार के भयभीत सदस्य और पड़ोसी मौन साधे खड़े रहे। पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने बताया, ‘उन्हें (पिता-पुत्र को) घर से घसीट कर बाहर निकाला गया और फिर उनकी हत्या कर दी गई। हमलावरों ने उत्पात मचाया और फर्नीचर तोड़ दिया तथा खाना पकाने के बर्तन घर के बाहर फेंक दिए। हम अब भी बाहर जाने से बहुत डरते हैं।' 

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