नवसारी (09 मार्च 25)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं का सम्मान करना राष्ट्र के विकास की दिशा में पहला कदम है और इसी भावना के साथ भारत ने अब महिला-नेतृत्व वाले विकास का मार्ग अपनाया है। नवसारी में जी-सफल और जी-मैत्री समेत विभिन्न योजनाओं का शुभारंभ करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'मैं सबसे धनवान व्यक्ति हूं, क्योंकि मेरा खाता माताओं-बहनों के आशीर्वाद से भरा हुआ है और यह आशीर्वाद बढ़ता ही जा रहा है।'
पीएम मोदी ने कहा, 'महिलाओं को 'नारायणी' कहा गया है। महिलाओं का सम्मान करना राष्ट्र के विकास की दिशा में पहला कदम है। इसीलिए, विकसित भारत बनाने और राष्ट्र के विकास को गति देने के लिए, भारत ने अब महिला-नेतृत्व वाले विकास का रास्ता अपनाया है। हमारी सरकार महिलाओं के जीवन में उनके सम्मान और सुविधा दोनों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा, 'हमने करोड़ों महिलाओं के लिए शौचालय बनवाए हैं, जिससे उनकी गरिमा बढ़ी है। हमने करोड़ों महिलाओं के बैंक खाते खोलकर उन्हें बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा है।'
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि उनकी सरकार ने महिलाओं को धुएं से होने वाली परेशानियों से बचाने के लिए उज्ज्वला सिलेंडर उपलब्ध कराए हैं। पीएम मोदी ने कहा, 'कामकाजी महिलाओं को सिर्फ 12 हफ्ते का मातृत्व अवकाश मिलता था। हमारी सरकार ने इसे बढ़ाकर 26 हफ्ते कर दिया। हमारी मुस्लिम बहनें सालों से तीन तलाक को खत्म करने की मांग कर रही थीं। इसके खिलाफ कानून बनाकर हमारी सरकार ने लाखों मुस्लिम महिलाओं की जिंदगी बर्बाद होने से बचाई है। जब कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू था, तो वहां की महिलाओं और बेटियों को कई अधिकारों से वंचित रखा गया था। अगर उन्होंने राज्य के बाहर के किसी व्यक्ति से शादी की, तो उनका पैतृक संपत्ति पर अधिकार खत्म हो गया। अनुच्छेद 370 के हटने के बाद अब जम्मू-कश्मीर में महिलाओं को सारे अधिकार मिले हैं।'