Monday, 28 Sep 2026

मैं से हम की यात्रा ही योग का आधार: मोदी

विशाखापत्तनम (21 जून 25)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशाखापत्तनम् में योगांध्र कार्यक्रम में कहा कि योग का अर्थ है जोड़ना। योग ने बीते एक दशक में दुनिया को जोड़ा है। भारत ने जब संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने के लिए प्रस्ताव रखा तो 175 देश भारत के प्रस्ताव के साथ खड़े थे। वर्तमान दौर में ऐसा अभूतपूर्व समर्थन सामान्य नहीं है। यह सिर्फ समर्थन नहीं, बल्कि यह दुनिया की भलाई के लिए एक प्रयास था। आज दुनियाभर में करोड़ों लोगों के लिए योग जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है। योग सभी के लिए है और सभी का है। उम्र और अन्य सभी सीमाएं तोड़ते हुए यह उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करता है। योग का समाज में सोशल प्रमोशन कैसे हो सकता है, इसे योगांध्र अभियान की सफलता से समझा जा सकता है। इस वर्ष एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिए योग की थीम है। योग हमारे लिए वसुधैव कुटुंबकम के मार्ग पर चलते हुए दुनिया को एक मंच पर लाने का माध्यम है। यह मैं से ऊपर उठकर हम की यात्रा है, समर्पण, सेवा और सहअस्तित्व का भाव है। 

इधर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर हुए राष्ट्रीय कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़ते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के अटल पथ पर राज्य स्तरीय'योग संगम' सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर स्वस्थ एवं निरोगी काया के लिए प्रतिभागियों के साथ योगाभ्यास भी किया। प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का इस अवसर पर सजीव प्रसारण किया गया। राष्ट्रीय कार्यक्रम से प्रसारित कॉमन योग प्रोटोकॉल का अनुसरण करते हुए अटल पथ पर बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों और जनसामान्य ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में योग किया। कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके, सांसद वी.डी. शर्मा तथा आलोक शर्मा उपस्थित थे।

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