मॉस्को (10 मई 26)। इस साल रूस की विक्ट्री डे परेड पहले के मुकाबले काफी छोटी और सीमित रही। पहली बार कई वर्षों में मॉस्को की परेड में टैंक, बैलिस्टिक मिसाइल और भारी सैन्य वाहन दिखाई नहीं दिए। रूसी अधिकारियों ने इसका कारण मौजूदा युद्ध स्थिति और सुरक्षा खतरे बताए। रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिन के युद्धविराम की घोषणा भी इसी दौरान हुई थी। हालांकि परेड खत्म होने के बाद रूस के रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेन पर संघर्ष विराम तोड़ने का आरोप लगाया। यूक्रेन की ओर से इस पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
परेड में रूस के करीबी सहयोगी देशों के नेता शामिल हुए, जिनमें Alexander Lukashenko और Robert Fico भी मौजूद थे। लेकिन पिछले साल की तुलना में इस बार विदेशी नेताओं की संख्या काफी कम रही। इस मौके पर उत्तर कोरिया के सैनिकों ने भी मार्च किया। परेड के बाद पुतिन ने ‘टॉम्ब ऑफ द अननोन सोल्जर’ पर फूल चढ़ाए और क्रेमलिन में एक समारोह में हिस्सा लिया। रूस में विक्ट्री डे को दूसरे विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी पर सोवियत संघ की जीत की याद में मनाया जाता है। रूस इसे अपनी सैन्य ताकत और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक मानता है।