Thursday, 01 Oct 2026

मोदी कल केन-बेतवा लिंक परियोजना का करेंगे शिलान्यास

खजुराहो (24 दिसंबर 24)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश की प्रथम केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना केन्द्र सरकार, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के मध्य परस्पर सहयोग एवं समन्वय का एक अनूठा उदाहरण है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो अभियान के सपने को साकार करने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीड़ा उठाया है। बहुउद्देशीय और महत्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना से मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के समूचे बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। इस परियोजना से किसानों को जहां सिंचाई के लिए भरपूर जल उपलब्ध होगा, वहीं पेयजल और उद्योगों के लिए भी पर्याप्त पानी मिलेगा। क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक विकास के साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। सूखाग्रस्त बुंदेलखंड क्षेत्र में भूजल की स्थिति भी सुधरेगी। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली इस परियोजना का शिलान्यास करने प्रधानमंत्री मोदी 25 दिसंबर को छतरपुर जिले के खजुराहो आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना, देश में भूमिगत दाबयुक्त पाइप सिंचाई प्रणाली अपनाने वाली सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना है। यह परियोजना मध्यप्रदेश के छतरपुर और पन्ना जिले में केन नदी पर निर्मित की जा रही है। परियोजना के अंतर्गत पन्ना टाइगर रिजर्व में केन नदी पर 77 मीटर ऊँचाई एवं 2.13 किलोमीटर लंबाई के दौधन बांध एवं 2 टनल (अपर लेवल 1.9 कि.मी. एवं लोअर लेवल 1.1 कि.मी.) का निर्माण कर बांध में 2,853 मिलियन घन मीटर जल का भंडारण किया जायेगा। केन नदी पर दौधन बांध से 221 कि.मी. लंबी लिंक नहर के द्वारा दोनों राज्यों में सिंचाई एवं पेयजल की सुविधा प्रदाय करते हुये केन नदी के अधिशेष जल को बेतवा नदी में अंतरित किया जावेगा। परियोजना से दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से मध्यप्रदेश के 10 जिले पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, रायसेन, विदिशा, शिवपुरी एवं दतिया के 2 हजार ग्रामों में 8.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी। इससे लगभग 7 लाख किसान परिवार लाभान्वित होंगे।

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