Thursday, 01 Oct 2026

मोदी का 'मेक इन इंडिया' विचार अच्छा था, लेकिन फेल रहे: राहुल

नईदिल्ली (03 फरवरी 25)। संसद के बजट सत्र में आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर चर्चा हो रही है। बीजेपी के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया। वहीं, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी को बोलने का मौका दिया। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने धन्यवाद कहा और कैमरे के लिए डबल थैंक्यू भी बोला। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इसमें कुछ भी नया नहीं था। वे सोच रहे थे कि अगर इंडिया ब्लॉक की सरकार होती, तो राष्ट्रपति का अभिभाषण कैसा होता। इसमें बेरोजगारी का कोई जिक्र नहीं किया गया। ना तो यूपीए और ना ही एनडीए ने युवाओं के रोजगार के सवाल पर स्पष्ट जवाब दिया। प्रधानमंत्री के 'मेक इन इंडिया' के विचार को राहुल गांधी ने अच्छा बताया, लेकिन कहा कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कोई खास सफलता नहीं मिली। उन्होंने यह भी कहा कि वे प्रधानमंत्री पर आरोप नहीं लगा रहे, क्योंकि पीएम ने प्रयास किए, विचार सही था, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो पाए। राहुल गांधी ने कहा कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग 60 साल में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। उन्होंने 'मेक इन इंडिया' पर बात करते हुए एक फोन दिखाया और कहा कि भले ही हम कहें कि यह भारत में बना है, लेकिन इसके अधिकांश पार्ट्स चीन से आए हैं और यहां असेंबल किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हमने कंजम्प्शन पर ध्यान केंद्रित किया, जिसके कारण असमानता बढ़ी है। राहुल गांधी ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और हम पेट्रोलियम से बैटरी और परमाणु ऊर्जा की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, 'पिछली बार जब क्रांति हुई थी, तो भारत सरकार ने कम्प्यूटर क्रांति को पहचाना और उस पर ध्यान दिया। आज उसका परिणाम हम देख रहे हैं। लोग हंसते थे जब कम्प्यूटर आया था। वाजपेयी जी का भी मैं सम्मान करता हूं, लेकिन वो भी इसके खिलाफ बोलते थे।'


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