नईदिल्ली (26 जुलाई 26)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' की 136वीं कड़ी में नागरिकों से "वोकल फॉर लोकल" बनने, भारत की समृद्ध हैंडलूम विरासत को बढ़ावा देने, स्थानीय कारीगरों का समर्थन करने और देश के पारंपरिक संगीत वाद्ययंत्रों को संरक्षित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ये देश की सांस्कृतिक पहचान का प्रतिनिधित्व करते हैं और हजारों लोगों को आजीविका प्रदान करते हैं। आगामी राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह अवसर भारत के बुनकर समुदाय के योगदान को पहचानने का मौका है।
PM मोदी ने कहा, "कुछ ही दिनों में, 7 अगस्त को, हमारा देश 'राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस' मनाएगा। इस अवसर पर हम अपने बुनकर भाई-बहनों के कौशल और रचनात्मकता का जश्न मनाते हैं। हमारे ये साथी उन परंपराओं को आगे बढ़ा रहे हैं जो पीढ़ियों से चली आ रही हैं।" हैंडलूम उत्पादों के सांस्कृतिक महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि हाथ से बुना हर कपड़ा किसी खास क्षेत्र और समुदाय की पहचान को दर्शाता है। उन्होंने कहा, 'हैंडलूम का हर परिधान किसी खास क्षेत्र, समुदाय और उससे जुड़े अनगिनत लोगों की कहानी कहता है। ये वे लोग हैं जो गर्व के साथ भारत की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए समर्पित हैं।' प्रधानमंत्री ने लोगों से हैंडलूम उत्पादों को प्रोत्साहित करने और सरकार की 'वोकल फॉर लोकल' पहल को मजबूत करने का आग्रह किया। उन्होंने आगे कहा, 'आज, मैं आपसे आग्रह करता हूं कि हैंडलूम शिल्प को प्रोत्साहित करके हमारे बुनकर साथियों का सम्मान करें। आइए, 'वोकल फॉर लोकल' की भावना को और मजबूत करें।' मोदी ने यह भी बताया कि कैसे हैंडलूम को बढ़ावा देने से पूरे देश में लोगों की आजीविका में सुधार हुआ है। उन्होंने पोचमपल्ली, पटना, कुथम्पल्ली और कच्छ के उदाहरण दिए। उन्होंने कहा कि कई व्यक्ति और समूह क्षेत्रीय बुनाई शैलियों को संरक्षित करके, पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देकर और विशेष रूप से महिला बुनकरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करके भारत की हैंडलूम परंपराओं को नई गति दे रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, “मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि आने वाले त्योहारों के मौसम में खादी, हथकरघा या हस्तशिल्प से बनी कम से कम एक चीज़ ज़रूर खरीदें।” प्रधानमंत्री ने भारत की समृद्ध संगीत विरासत के बारे में भी बात की और कहा कि देश में कई तरह के पारंपरिक वाद्ययंत्र मौजूद हैं।