Tuesday, 29 Sep 2026

मोल्दोवा की कंपनियों को भारत में अवसर: राष्ट्रपति

चिशिनाउ (21 जुलाई 26)। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मोल्दोवा की राष्‍ट्रपति माया सैंडू के साथ सोमवार को मोल्दोवा के चिशिनाउ में भारत-मोल्दोवा बिज़नेस फोरम को संबोधित किया। अपने उद्घाटन संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और मोल्दोवा के बीच वर्ष 1992 में राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। हमारे संबंध परस्‍पर सम्मान, लोकतांत्रिक मूल्यों और शांति, विकास एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति साझी प्रतिबद्धता पर आधारित है।

राष्ट्रपति ने कहा कि 2047 तक विकसित राष्ट्र  बनने के संकल्प की ओर अग्रसर, भारत ऐसी साझेदारियों को आगे बढ़ाना चाहता है, जो विश्वास और साझा समृद्धि पर आधारित हों। भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। यह प्रगति उद्यमिता, डिजिटल परिवर्तन, विनिर्माण क्षेत्र की उत्कृष्टता तथा युवा और कुशल कार्यबल की शक्ति से संभव हुई है। दूसरी ओर, मोल्दोवा का सुधारोन्मुख दृष्टिकोण, महत्‍वपूर्ण भौगोलिक स्थिति, प्रतिभाशाली मानव संसाधन तथा यूरोपीय बाज़ारों के साथ बढ़ता एकीकरण उसे भारतीय बिजनेस संस्‍थाओं के लिए एक महत्त्वपूर्ण गंतव्य स्‍थान बनाता है। राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि विविध क्षेत्रों, जैसे कि डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर-सुरक्षा, फिन-टेक, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, रिन्यूएबल एनर्जी, उन्‍नत विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, कृषि, फूड प्रोसेसिंग, फार्मास्यूटिकल्स, जैव-प्रौद्योगिकी और स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियां मोल्दोवा में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स में हिस्सा लेने में दिलचस्पी रखती हैं, जिनमें सौर ऊर्जा, बैटरी स्टोरेज, स्मार्ट ग्रिड, ग्रीन हाइड्रोजन और अन्‍य स्‍वच्‍छ प्रौद्यागिकियां शामिल हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि मोल्दोवा की कंपनियों को भारत में व्यापार और निवेश के अच्छे अवसर मिलेंगे। हम पारदर्शी, विश्‍वसनीय और निवेशकों के अनुकूल कारोबारी परिवेश उपलब्‍ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने मोल्दोवा के उद्योग जगत को भारत आकर यहां उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया।


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