Monday, 28 Sep 2026

युद्धविराम से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

नईदिल्ली (20 जुलाई 24)। इजरायल और फिलिस्तीन के बीच जारी संघर्ष के बीच एक राहत की खबर सामने आ रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल और गाजा के बीच जल्द ही संघर्षविराम विराम हो सकता है। Gaza Ceasefire की खबर सामने आने के बाद वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। New York Mercantile Exchange में कच्चे तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ चुकी है। Gaza Ceasefire की जानकारी सामने आने के बाद निवेशकों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है। इससे भारत में आने वाले समय मे Petrol-Diesel और गैस कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है। इससे तेल कंपनियों के ऊपर Petrol-Diesel और गैस की कीमतें कम करने का दबाव बनेगा। वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 2.48 डॉलर या 2.91% गिरकर 82.63 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं। यू.एस. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड वायदा 2.69 डॉलर या 3.25% गिरकर 80.13 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

बता दें कि भारत कच्चे तेल की भारी मात्रा में विदेशों पर निर्भर रहता है। वर्तमान में भारत अपनी कुल कच्चे तेल की आवश्यकता का लगभग 85% आयात करता है। साल 2022-2023 में भारत ने लगभग 220 मिलियन टन कच्चे तेल का आयात किया। कच्चे तेल के इस आयात की कीमत करीब 14.5 लाख करोड़ रुपये थी। हालांकि यह आंकड़े वैश्विक तेल कीमतों और मुद्रा विनिमय दरों के अनुसार बदल सकते हैं, लेकिन यह एक सामान्य अनुमान है कि भारत हर साल लगभग 13-15 लाख करोड़ रुपये का कच्चा तेल खरीदता है। यह निर्भरता भारत की ऊर्जा सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालती है, जिससे देश को अपने ऊर्जा स्रोतों को विविध करने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकता होती है।

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