ताइपे (22 जून 26)। ताइवान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने दावा किया है कि चीन अब प्रत्यक्ष सैन्य टकराव की बजाय 'हाइब्रिड वॉरफेयर' और 'ग्रे-ज़ोन' रणनीतियों के माध्यम से ताइवान पर दबाव बढ़ा रहा है। उनका कहना है कि बीजिंग तटरक्षक बल, वैज्ञानिक अनुसंधान जहाजों और कानूनी दावों का उपयोग कर अपने रणनीतिक उद्देश्यों को आगे बढ़ा रहा है। ताइवान के राष्ट्रीय सुरक्षा संस्थान के उप महासचिव हो चेंग-हुईने कहा कि चीन की गतिविधियां यह संकेत देती हैं कि वह युद्ध की सीमा से नीचे रहकर दबाव बनाने वाली रणनीतियों पर अधिक निर्भर होता जा रहा है।
हो चेंग-हुई के अनुसार, चीन निम्नलिखित तरीकों से दबाव बढ़ा रहा है- तटरक्षक जहाजों की तैनाती, वैज्ञानिक अनुसंधान पोतों की गतिविधियां, समुद्री क्षेत्रों पर, संप्रभुता के दावे, प्रचार और दुष्प्रचार अभियान, अंतरराष्ट्रीय कानून की व्याख्या का अपने पक्ष में उपयोग आदि। उन्होंने कहा कि इन उपायों का उद्देश्य केवल ताइवान ही नहीं, बल्कि Japan और Philippines जैसे क्षेत्रीय देशों पर भी दबाव बनाना है। ताइवानी अधिकारी ने चेतावनी दी कि भविष्य में चीन की गतिविधियां विशेष रूप से ताइवान के विशेष आर्थिक क्षेत्र, Taiwan Strait की मध्य रेखा, Kinmen के आसपास का समुद्री क्षेत्र, Matsu Islands के निकट जलक्षेत्र क्षेत्रों में बढ़ सकती हैं। उनका कहना है कि चीन का तटरक्षक बल इस रणनीति का प्रमुख उपकरण बन गया है, जो विवादित समुद्री सीमाओं के निकट नियमित रूप से गतिविधियां बढ़ा रहा है।