खारकीव (13 अगस्त 26)। यूक्रेन ने रूस की सीमा से करीब 1,300 किलोमीटर अंदर जाकर उसके तेल कारोबार को बड़ा झटका देने की कोशिश की है। यूक्रेनी सेना के मुताबिक, उसके ड्रोन ने रूस के बश्कोर्तोस्तान गणराज्य में मौजूद Gazprom Neftekhim Salavat तेल रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाया, जिसके बाद वहां आग लग गई। यह तीन दिनों के भीतर रूस की तेल रिफाइनिंग क्षमता पर हुआ चौथा बड़ा हमला बताया जा रहा है। हालांकि, रूसी अधिकारियों ने हमले की पुष्टि करते हुए सिर्फ औद्योगिक क्षेत्र में आग और दो लोगों के घायल होने की जानकारी दी है।
यूक्रेन की जनरल स्टाफ के अनुसार, हमला रात के समय किया गया। जिस रिफाइनरी को निशाना बनाया गया, वह रूस के बश्कोर्तोस्तान क्षेत्र के सलावत में स्थित है। यह यूक्रेन की सीमा से करीब 1,300 किलोमीटर दूर है। यानी यूक्रेनी ड्रोन ने रूस के काफी अंदर तक जाकर हमला किया। यही वजह है कि इस हमले को यूक्रेन की लंबी दूरी की ड्रोन क्षमता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Gazprom Neftekhim Salavat कॉम्प्लेक्स रूस की प्रमुख तेल रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल सुविधाओं में शामिल है। यूक्रेनी जनरल स्टाफ के मुताबिक, यह प्लांट सालाना करीब 74 करोड़ बैरल तेल प्रोसेस करने की क्षमता रखता है और यहां पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पाद बनाए जाते हैं। ऐसे में इस तरह की सुविधा को निशाना बनाने से रूस के ईंधन उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है।
रूस के बश्कोर्तोस्तान के गवर्नर Radiy Khabirov ने बताया कि ड्रोन हमले के बाद सलावत के औद्योगिक क्षेत्र में आग लगी और दो नागरिक घायल हुए। रूसी ऑनलाइन रिटेल कंपनी Wildberries ने भी बताया कि उसके सलावत स्थित एक परिसर में आग लगी थी। कंपनी के अनुसार, वहां मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। हालांकि, हमले से रिफाइनरी के किस हिस्से को कितना नुकसान हुआ, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब यूक्रेन रूस के तेल और ऊर्जा ढांचे को लगातार निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है।