बीजिंग (02 अप्रैल 25)। बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार व अंतरिम प्रधानमंत्री प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने चीन की यात्रा के दौरान भारत के खिलाफ विवादित बयान दिया, जिससे कूटनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। उन्होंने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को 'लैंडलॉक्ड' (स्थलरुद्ध) बताया और दावा किया कि बांग्लादेश इस क्षेत्र के लिए समुद्र तक पहुंच का एकमात्र संरक्षक है। यूनुस ने अपने भाषण में चीन को बांग्लादेश में निवेश बढ़ाने का निमंत्रण देते हुए कहा कि बांग्लादेश चीनी अर्थव्यवस्था का 'विस्तार' बन सकता है। उन्होंने कहा, 'भारत के सात राज्य, जिन्हें 'सात बहनें' कहा जाता है, वे स्थलरुद्ध हैं। उनके पास समुद्र तक पहुंचने का कोई तरीका नहीं है। हम इस पूरे क्षेत्र के लिए समुद्र के एकमात्र संरक्षक हैं। इससे नई संभावनाएं खुलती हैं। यह चीनी अर्थव्यवस्था का विस्तार हो सकता है।'
यूनुस की इस यात्रा के दौरान उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की और बांग्लादेश की कमजोर अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए अधिक निवेश की मांग की। उन्होंने कहा, 'यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम चीन को अपने अच्छे मित्र के रूप में देखें। हमें आर्थिक स्थिरता और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए चीन के सहयोग की आवश्यकता है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब चीन बांग्लादेश में अपनी रणनीतिक उपस्थिति बढ़ाने की कोशिश कर रहा है और भारत-बांग्लादेश के संबंधों में बदलाव देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बांग्लादेश की चीन पर बढ़ती निर्भरता भारत के लिए सुरक्षा और कूटनीतिक मोर्चे पर एक नई चुनौती बन सकती है। यूनुस ने सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि नेपाल और भूटान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'नेपाल और भूटान के पास असीमित जलविद्युत क्षमता है, जो हमारे लिए एक वरदान है। हम इसका उपयोग कर सकते हैं। बांग्लादेश से आप कहीं भी जा सकते हैं। यह क्षेत्र के लिए समुद्र का एकमात्र प्रवेश द्वार है।'