लखनऊ (28 अक्टूबर 25)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी के मुस्तफाबाद में विश्व कल्याण आश्रम में आयोजित स्मृति प्राकट्योत्सव मेला-2025 में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने मुस्तफाबाद का नाम बदलकर कबीरधाम करने की घोषणा की और पूज्य संतों को नमन करते हुए डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण पर काम कर रही है, जबकि पहले यह पैसा 'कब्रिस्तान की बाउंड्री' बनाने में खर्च होता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने अयोध्या को फैजाबाद, प्रयागराज को इलाहाबाद और कबीरधाम को मुस्तफाबाद बनाया था, जिसे उनकी सरकार ने ठीक किया। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, "यह सब सेक्युलरिज्म के नाम पर किया जाता था, जो पाखंड है।' योगी ने संत कबीरदास की वाणी का उल्लेख करते हुए कहा, 'जाति पाति पूछे न कोई, हरि को भजे सो हरि का होई,' यह वाणी समाज की एकता और अखंडता की आधारशिला है। कबीर ने निर्गुण भक्ति की धारा प्रवाहित कर समाज की विसंगतियों को तोड़ा और आत्मा-परमात्मा का संबंध सरल शब्दों में समझाया।' उन्होंने गुरु के महत्व को रेखांकित करते हुए कबीर का दोहा उद्धृत किया, ‘गुरु गोविंद दोनों खड़े, काके लागूं पांव…’ यह आज भी हमें गुरु की महत्ता याद दिलाता है।'
सीएम योगी ने चेतावनी दी कि समाज विरोधी ताकतें आस्था और जाति के नाम पर देश को तोड़ने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा, 'समय रहते कमजोरियों को न पहचाना गया, तो यह बीमारियां कैंसर बनकर समाज को खोखला कर देंगी। राष्ट्रभक्ति ही सभी समस्याओं का समाधान है।' उन्होंने जोर देकर कहा, 'माता भूमि पुत्रोहम्… यह भूमि केवल मिट्टी नहीं, हमारी मातृभूमि और पितृभूमि है। इसकी सेवा ही सच्ची उपासना है।' मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि 2014 से पहले देश भ्रष्टाचार, आतंकवाद और विभाजनकारी राजनीति के संकट से जूझ रहा था। आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनने जा रहा है।