मॉस्को (26 नवंबर 25)। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूरोपीय देशों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यूरोप ने यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने के हर अवसर को बर्बाद कर दिया। उन्होंने कहा कि 2014 से लेकर अब तक जब भी कोई समझौता या शांति का रास्ता बनता दिखा, यूरोपीय देशों ने उसे तोड़ दिया या निभाने में विफल रहे।
लावरोव ने रूसी समाचार एजेंसी TASS से बातचीत में कहा कि 'जब भी रूस और यूक्रेन के बीच कोई अंतरिम या लम्बी अवधि का समझौता हुआ उसे तोड़ दिया गया।' '2014 के बाद से यूरोप ने पूरी तरह असफलता दिखाई है।' 'आज जब यूरोपीय देश कहते हैं कि हमारे बिना कोई समाधान नहीं हो सकता, तो उन्हें याद रखना चाहिए कि उनके पास पहले अवसर था लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया।' उन्होंने साफ कहा कि अब रूस, फ्रांस और जर्मनी को किसी भी तरह के मध्यस्थ के रूप में स्वीकार नहीं करेगा, क्योंकि मिन्स्क समझौते के दौरान भी ये दोनों देश जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहे। लावरोव ने कहा कि मिन्स्क प्रक्रिया रूस–यूक्रेन के बीच बातचीत थी, जिसमें फ्रांस और जर्मनी मध्यस्थ की भूमिका में थे, लेकिन उन्होंने समझौतों को लागू कराने में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब रूस उन्हें भरोसेमंद मध्यस्थ नहीं मानता। दिलचस्प बात यह है कि यूरोप की आलोचना करते हुए लावरोव ने अमेरिका की भूमिका की तारीफ की। उन्होंने कहा कि 'अमेरिका पश्चिमी देशों में एकमात्र ऐसा देश है, जिसने यूक्रेन संकट को सुलझाने की पहल की है।' 'हमें बेलारूस, तुर्किये और हंगरी की भूमिका भी सकारात्मक लगती है। खासकर हंगरी, जो ट्रम्प–पुतिन शिखर वार्ता आयोजित करने के लिए तैयार है।'