यामानाशी (27 फरवरी 26)। उत्तर प्रदेश और जापान के बीच औद्योगिक एवं स्वच्छ ऊर्जा सहयोग को लेकर एक ऐतिहासिक पहल सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया जापान दौरे के दौरान यामानाशी प्रांत के साथ रणनीतिक साझेदारी पर सहमति बनी। इस दौरान यामानाशी के गवर्नर ने अगस्त माह में 200 जापानी सीईओ के प्रतिनिधिमंडल के साथ उत्तर प्रदेश आने का प्रस्ताव रखा, जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार किया।
दोनों पक्षों के बीच उद्योग, पर्यटन, कौशल विकास और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस एमओयू में विशेष रूप से ग्रीन हाइड्रोजन, स्वच्छ ऊर्जा नवाचार और तकनीकी आदान-प्रदान को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आईआईटी को ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह पहल ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम होगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूती देगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश ‘स्केल, स्किल और स्पीड’ के मॉडल पर आगे बढ़ रहा है। बेहतर कानून-व्यवस्था, सुदृढ़ आधारभूत संरचना और निवेश अनुकूल माहौल के कारण वैश्विक निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। ‘इन्वेस्ट यूपी’ की जापान डेस्क के माध्यम से जापानी निवेशकों को विशेष सहायता दी जा रही है। वहीं यीडा क्षेत्र में प्रस्तावित जापान इंडस्ट्रियल टाउनशिप जापानी कंपनियों के लिए समर्पित औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित की जा रही है, जिससे बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने यामानाशी में हुए इस समझौते को विश्वास, पारदर्शिता और दीर्घकालिक सहयोग का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि अगस्त में प्रस्तावित जापानी सीईओ प्रतिनिधिमंडल का दौरा उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत बनाएगा।