नईदिल्ली (25 अप्रैल 26)। आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है। उसके दो-तिहाई से ज्यादा राज्यसभा सांसद अब बीजेपी में शामिल हो गए हैं, जो संविधान के नियमों के तहत संभव है। सात सांसदों ने पार्टी बदलने के लिए जरूरी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए और उन्हें राज्यसभा के सभापति को सौंप दिया। राघव चड्ढा ने बताया कि उन्होंने दो अन्य सांसदों के साथ मिलकर ये हस्ताक्षरित कागज़ खुद जाकर जमा कराए।
आम आदमी पार्टी को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा, जब राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि आप अपने मूल सिद्धांतों और आदर्शों से भटक चुकी है। उन्होंने कहा कि अब वे 'पार्टी से दूर और जनता के करीब' जाने का फैसला कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'आप को मैंने अपने खून-पसीने से सींचा है, लेकिन अब ये पार्टी अपने निजी फायदे के लिए काम करती है।' प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चड्ढा ने तीखी टिप्पणी करते हुए खुद को 'गलत पार्टी में सही आदमी' बताया। उनका कहना था कि पार्टी का मौजूदा स्वरूप उसके शुरुआती मूल्यों से मेल नहीं खाता और वे लंबे समय से अंदरूनी असहजता महसूस कर रहे थे।
इस मौके पर उनके साथ राज्यसभा सांसद संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी मौजूद रहे। चड्ढा ने दावा किया कि राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई से अधिक सांसद उनके साथ हैं और उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। वर्तमान में AAP के राज्यसभा में कुल 10 सदस्य हैं, जिनमें 7 पंजाब और 3 दिल्ली से हैं। ऐसे में यदि बड़े स्तर पर टूट होती है, तो पार्टी की संसदीय स्थिति पर सीधा असर पड़ सकता है। इस घटनाक्रम को अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। हाल के चुनावी प्रदर्शन और संगठनात्मक फैसलों को लेकर पहले से ही असंतोष की खबरें सामने आती रही हैं।