जयपुर (31 मई 26)। राजस्थान के सीमावर्ती जिलों चूरू और श्रीगंगानगर में शनिवार दोपहर मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज धूल भरी आंधी और रेतीले तूफान ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। दोपहर करीब 2 बजे आसमान में धूल और रेत का इतना घना गुबार उठा कि कुछ ही मिनटों में सूरज दिखाई देना बंद हो गया और दिन में ही अंधेरा छा गया। धूल का गुबार इतना घना था कि लोगों को कुछ मीटर दूर तक देखना भी मुश्किल हो गया। सड़कों पर चल रहे वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और कई वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान हवाओं की रफ्तार करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। तेज हवाओं के साथ बड़ी मात्रा में धूल और रेत उड़ने लगी, जिससे पूरा इलाका धूल की चादर में ढक गया। कई जगह लोगों ने घरों, दुकानों और अन्य सुरक्षित स्थानों में शरण ली। सड़क पर मौजूद लोगों को भी तेज हवाओं और उड़ती रेत से बचने के लिए सुरक्षित जगहों की तलाश करनी पड़ी। धूल भरा यह रेतीला तूफान करीब 30 मिनट तक जारी रहा। इस दौरान कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम हो गई। सड़क पर चल रहे वाहन चालकों को रास्ता साफ नहीं दिखने के कारण सड़क किनारे रुकना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई आंधियां देखी हैं, लेकिन इतनी घनी धूल और रेत वाला तूफान बहुत कम देखने को मिलता है।
आंधी शांत होने के बाद मौसम ने फिर नया रूप दिखाया। आसमान में काले बादल छा गए और कई इलाकों में बारिश शुरू हो गई। कुछ स्थानों पर हल्की तो कुछ जगहों पर तेज बारिश दर्ज की गई। बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिली। साथ ही वातावरण में फैली धूल भी काफी हद तक साफ हो गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग के मुताबिक, आंधी और बारिश के बाद तापमान में करीब 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।