Thursday, 01 Oct 2026

राजस्थान विधानसभा के गौरवशाली 75 वर्ष पूर्ण

जयपुर (16 जुलाई 26)। राजस्थान विधानसभा के गौरवशाली 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विधानसभा परिसर में आयोजित ‘विधायी गौरव यात्रा: पूर्व एवं वर्तमान सदस्य समागम’ लोकतांत्रिक परंपराओं, जनसेवा और संसदीय गरिमा का भव्य उत्सव बन गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का अटूट विश्वास और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही है। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना प्रत्येक जनप्रतिनिधि का सर्वोच्च दायित्व है और यही लोकतांत्रिक व्यवस्था की वास्तविक शक्ति भी है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राजस्थान विधानसभा के 75 वर्षों की यात्रा केवल एक संस्थागत उपलब्धि नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, जनसेवा की भावना और विधायी परंपराओं की समृद्ध विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस सदन ने हमेशा जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा, प्रभावी कानून निर्माण और सुशासन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी बताया कि राजस्थान विधानसभा तकनीकी नवाचार, पारदर्शिता और जनभागीदारी के क्षेत्र में देश की अग्रणी विधानसभाओं में शामिल हो चुकी है। भजनलाल शर्मा ने विधानसभा द्वारा किए गए नवाचारों की सराहना करते हुए बताया कि वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर विशेष कैलेंडर और दैनिक ‘नंदिनी’ का प्रकाशन लोकतांत्रिक मूल्यों को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की एक सराहनीय पहल है। कार्यक्रम के दौरान विधानसभा की 23 प्रमुख विधायी उपलब्धियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने पूर्व और वर्तमान सभी जनप्रतिनिधियों के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके अनुभव, विचार और जनसेवा की भावना ने सदन की गरिमा को लगातार बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन सभी का अंतिम उद्देश्य जनकल्याण और प्रदेश का विकास होना चाहिए। उन्होंने पूर्व विधानसभा अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और वरिष्ठ सदस्यों को सम्मानित किए जाने को लोकतांत्रिक परंपराओं के सम्मान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों का अनुभव नई पीढ़ी के विधायकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

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