नईदिल्ली (14 जनवरी 25)। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को राज्यसभा में पिछले महीने हुई एक घटना पर अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि छह दिसंबर को राज्यसभा की एक सीट से मिली 500 रुपये की नोटों की गड्डी पर कोई भी संसद सदस्य सामने नहीं आया और इस पर दावा नहीं किया। इस घटना ने संसद में एक नई चर्चा को जन्म दिया है और धनखड़ ने इसे 'हमारे नैतिक मानदंडों के लिए एक सामूहिक चुनौती' बताया।
6 दिसंबर को राज्यसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी की सीट से 500 रुपये के नोटों की गड्डी बरामद हुई थी। यह घटना राज्यसभा में काफी हंगामा का कारण बनी। विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्य एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे। कांग्रेस नेता सिंघवी ने इस घटना को ‘सुरक्षा चूक'बताते हुए इसकी जांच की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि सांसदों की अनुपस्थिति में सीटों पर कुछ भी रखने से रोकने के लिए कांच के घेरे बनाए जाने चाहिए। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने एक पुस्तक के विमोचन के मौके पर कहा, ‘मेरी पीड़ा की कल्पना कीजिए। लगभग एक महीने पहले राज्यसभा में एक सीट से 500 रुपये के नोटों की गड्डी मिली थी। मुझे दुख हुआ कि कोई भी इसे लेने नहीं आया।'उन्होंने इसे एक ‘बहुत गंभीर मुद्दा' करार देते हुए यह भी कहा कि ऐसे मामलों में जरूरत के अनुसार नोट साथ रखना सामान्य हो सकता है, लेकिन फिर भी किसी ने इस पर दावा नहीं किया, जो कि ‘नैतिक मानदंडों के लिए एक गंभीर चुनौती' है।