अयोध्या (11 अगस्त 26)। राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत सोमवार को अगले 14 दिनों के लिए बढ़ा दी गई। बचाव पक्ष के एक अधिवक्ता ने यह जानकारी दी। फैजाबाद की भ्रष्टाचार-रोधी मामलों की विशेष अदालत के विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा ने इन आरोपियों की हिरासत 24 अगस्त तक बढ़ाने का आदेश दिया। पुलिस पहले ही सभी आठ आरोपियों से हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है। ये आरोपी अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू हैं।
बचाव पक्ष के वकील कुल शेखर सिंह ने बताया कि आरोपियों को जिला जेल से 'वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग' के जरिए अदालत में पेश किया गया और अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत 24 अगस्त तक बढ़ा दी। अदालत की कार्यवाही के दौरान, बचाव पक्ष के वकील ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी सही नहीं है और उनके मुवक्किलों को गलत धाराओं के तहत झूठा फंसाया गया है। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि उनके मुवक्किलों पर प्राथमिकी में गलत तरीके से लगाई गई धाराओं को हटाया जाए। उन्होंने अयोध्या पुलिस पर भारतीय न्याय संहिता की गलत धाराओं के तहत मामले की जांच करने का आरोप लगाया और अदालत से अनुरोध किया कि वह पुलिस को सही धाराएं लगाने और उसी के अनुसार आरोपपत्र दाखिल करने का निर्देश दे। उन्होंने कहा, 'मैंने अदालत में यह गुहार लगाई कि पुलिस को मामले की जांच सही धाराओं के तहत करनी चाहिए और सही तरीके से आरोप पत्र दाखिल करना चाहिए।' जब उनसे पूछा गया कि पुलिस ने कौन सी गलत धाराएं लगाई हैं, तो उन्होंने कहा, 'उन्होंने चोरी और गबन दोनों की धाराएं लगाई हैं, ये दोनों धाराएं किसी भी मामले में एक साथ नहीं चल सकतीं।' पुलिस ने आजीवन कारावास की धारा भी लगाई है, जबकि उच्चतम न्यायालय ने बहुत स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि आजीवन कारावास की धारा तभी लगाई जा सकती है जब आरोपी आदतन अपराधी हो या उसे पहले सजा हो चुकी हो, लेकिन इस मामले में आरोपी पहली बार अपराध करने वाले हैं, इसलिए आजीवन कारावास की यह धारा यहां लागू नहीं होती।