Tuesday, 29 Sep 2026

राम मंदिर दान गबन मामला: अंततः FIR दर्ज

अयोध्या (26 जून 26)। अयोध्या में स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में हुए कथित घोटाले मामले में सीएम योगी के आदेश के आठ लोगों के खिलाफ अयोध्या कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। हालांकि इसमें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का नाम नहीं है जबकि टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा और अविनाश शुक्ला के नाम शामिल किया गया है। 

आप को बतादें कि चोरी की घटना के बाद मामले की जांच एसआईटी कर रही थी। जांच के बीच राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) की जांच का हवाला देते हुए ट्रस्ट की आमदनी, खर्च, दान और बैंक खातों समेत संबंधित जानकारी देने से इनकार कर दिया था। इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी नेता रजनीश सिंह की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय में दी गई शिकायत को जरूरी कार्रवाई के लिए अयोध्या जिला प्रशासन को भेजा गया। अपर जिलाधिकारी विशु राजा को 23 जून को लिखे पत्र में अपर जिलाधिकारी  इंद्रकांत द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने शिकायत में मांगी गई जानकारी के लिए राय से संपर्क किया था। भाजपा नेता रजनीश सिंह ने 12 जून को पीएमओ में दर्ज करायी गयी शिकायत में मांग की थी कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को निर्देश दिया जाए कि वह अपने गठन की शुरुआत से लेकर अब तक के अपने सभी वित्तीय और संपत्ति संबंधी विवरण सार्वजनिक करे। 

इस सप्ताह की शुरुआत में पीएमओ द्वारा भेजी गई इस शिकायत में कई जानकारियों को सार्वजनिक करने की मांग की गई थी। पीएमओ ने 'समर्पण निधि' अभियान के जरिए एकत्र किये गये धन, अलग-अलग तरीकों से मिले दान, सोने-चांदी और गहनों के रूप में मिले योगदान, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन, ज़मीन की खरीद-बिक्री, मंदिर निर्माण और प्रशासन पर हुए खर्च और ऑडिट तथा निरीक्षण रिपोर्ट शामिल हैं। सिंह ने शिकायत में कहा कि भारत और दूसरे देशों में करोड़ों भक्तों ने राम मंदिर के निर्माण में योगदान किया है इसलिए उन्हें यह जानने का नैतिक और लोकतांत्रिक अधिकार है कि दान और चढ़ावे का इस्तेमाल किस तरह से किया गया है। 

Tags:

Follow us

This question is not available..!