नईदिल्ली (19 जुलाई 26)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक शांतिपूर्ण तरीके से अनशन पर थे, तब उन्हें जंतर-मंतर से हटाया जाना गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के मूल सिद्धांत 'असत्य और हिंसा' हैं। कांग्रेस ने वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल स्थानांतरित करने संबंधी पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की और इस कार्रवाई को देश के लोकतंत्र और संविधान के ऊपर ''एक और काला धब्बा'' करार दिया। गांधी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार के मूल सिद्धांत 'असत्य और हिंसा' हैं। उन्होंने कहा, जब सोनम वांगचुक शांतिपूर्ण तरीके से अनशन पर थे, तब उन्हें जंतर-मंतर से हटाया जाना गलत है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने कहा कि प्रश्न पत्र लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और विद्यार्थियों की आत्महत्याएं भारत के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।'' उन्होंने कहा कि कोई भी ताकत भारत के विद्यार्थियों और उन लोगों को, जो उनसे प्रेम करते हैं और उन पर विश्वास करते हैं, इन मुद्दों को उठाने से रोक नहीं सकती। जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद शनिवार तड़के वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस ने इसके लिए चिकित्सा सलाह और दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला दिया है। नयी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन शर्मा ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा कि स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास किया, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हुई।