Wednesday, 07 Oct 2026

राहुल गांधी की जान के खतरे के दावे वाले मामले में बड़ा यू-टर्न

पुणे (14 अगस्त 25)। पुणे की विशेष एमपी/एमएलए अदालत में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की जान को खतरे से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान एक बड़ा मोड़ सामने आया है। राहुल गांधी के वकील मिलिंद पवार द्वारा अदालत में दाखिल किया गया लिखित जवाब अब विवादों में आ गया है। पवार ने खुद इस जवाब को बिना राहुल गांधी की सहमति के दाखिल करने की बात स्वीकार करते हुए इसे वापस लेने का फैसला किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एडवोकेट मिलिंद पवार ने कहा कि उन्होंने अपने मुवक्किल राहुल गांधी से निर्देश लिए बिना अदालत में यह दावा कर दिया था कि राहुल गांधी की जान को खतरा है। अब वे इस जवाब को वापस लेंगे। पवार ने यह भी बताया कि राहुल गांधी इस जवाब से नाराज हैं और उन्होंने इस पर आपत्ति जताई है। पवार ने कहा कि वे आगामी सुनवाई में अदालत के समक्ष औपचारिक रूप से आवेदन देकर इस लिखित बयान को वापस लेंगे। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस पार्टी ने भी स्थिति स्पष्ट की है। पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा,

'राहुल गांधी के वकील ने बिना उनकी सहमति के अदालत में उनकी जान को खतरे की बात रखी। राहुल गांधी को इस बात से घोर आपत्ति है और कल उनके वकील अदालत में अपना यह वक्तव्य वापस लेंगे।' यह मामला पुणे की विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट में विचाराधीन है, जिसमें वीर सावरकर के पोते ने राहुल गांधी के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। याचिका में राहुल गांधी द्वारा जान को खतरे का हवाला दिए जाने पर सवाल उठाए गए हैं। मामले की अदालती सुनवाई फिलहाल जारी है।

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