रायबरेली (10 सितंबर 26)। लोकसभा में विपक्ष के नेता एवं रायबरेली से कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में क्षेत्र की खराब सड़कों की तस्वीरें दिखाकर अधिकारियों से जवाब मांगा। बैठक में शामिल हुए प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार तथा कृषि निर्यात विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि वह बैठक में रायबरेली के सांसद के तौर पर कम और 'विपक्ष के नेता' की भूमिका में ज्यादा दिख रहे थे।
दिशा की बैठक के नामित सदस्य उमेश बहादुर सिंह उर्फ बबलू सिंह ने बताया कि बैठक में राहुल एक अलग अंदाज में नजर आये और उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनवायी गयी सड़कों में गड्ढे होने की तस्वीरें दिखायीं। सिंह ने बताया कि ऐसी सड़कों के नाम गिनाते हुए राहुल ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से पूछा कि आखिर इन सड़कों पर गड्ढे क्यों हैं और इन्हें ठीक करने के लिए वे क्या कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने बैठक में कहा कि कौन सी सड़क किस कार्यदायी संस्था ने बनायी है, यह चिह्नित किया जाना चाहिये। सिंह ने बताया कि पीएमजीएसवाई के अधिषासी अभियंता ने बैठक में कहा कि सड़कों के गड्ढों को ठीक कराया जाएगा।
बैठक खत्म होने के बाद सांसद राहुल गांधी बाहर निकले और संवाददाताओं से बिना कुछ कहे चले गए। बैठक में शामिल हुए प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार तथा कृषि निर्यात विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी के रवैये की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वे सरकारी योजनाओं के लागू होने की समीक्षा करने के बजाय उनमें कमियां निकालने में ज्यादा दिलचस्पी ले रहे थे। सिंह ने एक बयान में कहा कि जब 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना पर चर्चा शुरू हुई, तो राहुल ने एक अधिकारी से पूछा कि इस योजना में क्या-क्या शामिल है और बाद में प्रचार पर हुए खर्च का ब्योरा मांगा। सिंह ने आरोप लगाया कि गांधी दिशा की बैठक में रायबरेली के सांसद और समिति के अध्यक्ष के तौर पर कम बल्कि 'विपक्ष के नेता' की भूमिका में ज्यादा दिख रहे थे। इससे पहले, अपने रायरबेली दौरे के दूसरे और अंतिम दिन बुधवार को राहुल गांधी ने भुएमऊ गेस्ट हाउस में पार्टी पदाधिकारियों और कई संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। इस दौरान अमेठी और सुलतानपुर के भी काफी संख्या में लोग राहुल गांधी से मिलने पहुंचे।