नईदिल्ली (29 मई 26)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नीट-सीबीएसई मुद्दे पर धर्मेंद्र प्रधान की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि उन पर हमला करने से शिक्षा मंत्री के अपराध कम नहीं होंगे। प्रधान ने इससे पहले गांधी पर इस मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि कांग्रेस नेता 'हताश' और भारत की 'तकनीकी प्रगति के विरोधी' हैं। गांधी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'धर्मेंद्र प्रधान जी, आप मुझ पर जितने चाहे हमले कर लें, लेकिन इससे आपके अपराध कम नहीं होंगे। न ही इससे मुझे 18.5 लाख बच्चों के लिए जवाब मांगने से रोका जा सकेगा।'
गांधी ने कई सवाल उठाते हुए पूछा कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ओएसएम का अनुबंध 'सीओईएमपीटी' को क्यों दिया गया- 'एक ऐसी कंपनी जो अपने पुराने नाम, ग्लोबरीना के तहत पहले से ही विवादों में घिरी हुई है?' लोकसभा में विपक्ष के नेता ने पूछा, 'ऐसा किसके आदेश पर किया गया? कंपनी की पृष्ठभूमि की जांच क्यों नहीं की गई? 'सीओईएमपीटी' के प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच क्या संबंध है?' उन्होंने कहा, 'या तो आपने पृष्ठभूमि की जांच कराई और फिर भी आगे बढ़ गए या आपने बिल्कुल भी पृष्ठभूमि की जांच नहीं कराई। दोनों ही मामलों में, आप दोषी हैं।' गांधी ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री को वाकई स्थिति की परवाह होती, तो उन्हें असंख्य विद्यार्थियों के भविष्य को खतरे में डालने के लिए प्रधान को बहुत पहले ही बर्खास्त कर देना चाहिए था। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'लाखों भारतीय विद्यार्थियों के लिए उन्होंने जो अराजकता पैदा की है और मंत्री के रूप में जो घोर अक्षमता दिखाई है, इसके बावजूद भी अहंकार और राजनीतिक नाटकबाजी ही प्रधान के पास सबसे अच्छा जवाब है।'