नईदिल्ली (12 सितंबर 25)। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने गंभीर चिंता जताई है। CRPF के वीवीआईपी सुरक्षा प्रमुख सुनील जून ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को 10 सितंबर को एक पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि राहुल गांधी अपनी Z+ (ASL) श्रेणी की सुरक्षा को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और बार-बार सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर रहे हैं।
CRPF के पत्र में कहा गया है कि राहुल गांधी ने पिछले 9 महीनों में छह विदेश दौरों के दौरान सुरक्षा एजेंसी को पूर्व सूचना दिए बिना यात्रा की, जो CRPF की 'येलो बुक' प्रोटोकॉल का स्पष्ट उल्लंघन है। इस प्रोटोकॉल के अनुसार, Z+ (ASL) सुरक्षा प्राप्त वीवीआईपी को विदेश यात्रा से कम से कम 15 दिन पहले अपनी सुरक्षा एजेंसी को सूचित करना अनिवार्य है। इन उल्लंघनों के कारण सुरक्षा व्यवस्था को गंभीर जोखिम का सामना करना पड़ा। CRPF ने राहुल गांधी के निम्नलिखित विदेश दौरों को प्रोटोकॉल उल्लंघन का हिस्सा बताया, जैसे इटली: 30 दिसंबर 2024 से 9 जनवरी 2025 (नए साल के अवसर पर 10-11 दिन की यात्रा), वियतनाम: 12 मार्च से 17 मार्च 2025, दुबई: 17 अप्रैल से 23 अप्रैल 2025, कतर (दोहा): 11 जून से 18 जून 2025, लंदन: 25 जून से 6 जुलाई 2025, मलेशिया: 4 सितंबर से 8 सितंबर 2025 पत्र में कहा गया है कि इन दौरों के दौरान राहुल गांधी ने सुरक्षा एजेंसी को सूचित नहीं किया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को लागू करने में CRPF को 'बड़ी दिक्कतों' का सामना करना पड़ा।
राहुल गांधी को Z+ (एडवांस्ड सिक्योरिटी लायजन - ASL) श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, जो देश के सबसे उच्च जोखिम वाले वीवीआईपी व्यक्तियों को दी जाती है। इस सुरक्षा में लगभग 55 सुरक्षाकर्मी, जिनमें राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) कमांडो शामिल हैं, और 10-12 सशस्त्र CRPF कमांडो हर समय उनकी सुरक्षा में तैनात रहते हैं। ASL के तहत, CRPF उस स्थान का अग्रिम निरीक्षण करता है जहां वीवीआईपी को जाना है, जिसके लिए स्थानीय पुलिस और खुफिया इकाइयों के साथ समन्वय जरूरी होता है। CRPF ने अपने पत्र में चेतावनी दी है कि राहुल गांधी की ओर से बार-बार प्रोटोकॉल तोड़े जाने से VVIP सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता कमजोर हो रही है और यह उनके लिए जोखिम पैदा कर सकता है।