कीव (25 मई 26)। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में रविवार को बड़ा और बेहद खतरनाक हमला देखने को मिला। यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने दावा किया कि रूस ने कीव पर हमले के दौरान अपनी शक्तिशाली हाइपरसोनिक 'ओरेश्निक' बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया। रूस ने भी बाद में इस हमले की पुष्टि कर दी। यूक्रेन के मुताबिक, इस हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हो गए। राजधानी कीव में सरकारी कार्यालयों, रिहायशी इमारतों, स्कूलों और गोदामों को भारी नुकसान पहुंचा। कई इलाकों में आग लग गई और रातभर धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं।
यूक्रेन की वायुसेना ने बताया कि रूस ने इस संयुक्त हमले में लगभग 600 ड्रोन और 90 मिसाइलें दागीं। हालांकि यूक्रेन ने दावा किया कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने 549 ड्रोन और 55 मिसाइलों को नष्ट कर दिया या रास्ते में रोक दिया। इसके बावजूद कुछ मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंच गईं। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि ओरेश्निक मिसाइल से कीव क्षेत्र के बिला त्सेरक्वा शहर को निशाना बनाया गया। यह मिसाइल परमाणु और पारंपरिक दोनों तरह के हथियार ले जाने में सक्षम मानी जाती है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले दावा कर चुके हैं कि ओरेश्निक मिसाइल ध्वनि की गति से 10 गुना तेज यानी मैक-10 की रफ्तार से हमला कर सकती है और कई मंजिल नीचे बने बंकरों को भी तबाह करने की क्षमता रखती है।
रूस ने पहली बार नवंबर 2024 में यूक्रेन के निप्रो शहर पर इस मिसाइल का इस्तेमाल किया था। इसके बाद जनवरी 2026 में पश्चिमी लवीव क्षेत्र में इसे दोबारा इस्तेमाल किया गया। अब कीव पर यह तीसरा बड़ा इस्तेमाल माना जा रहा है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह हमला यूक्रेन द्वारा रूसी इलाकों में किए गए हमलों के जवाब में किया गया। रूस का दावा है कि उसने यूक्रेन के सैन्य कमांड सेंटर, एयरबेस और सैन्य उद्योगों को निशाना बनाया। वहीं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस और यूक्रेन ने एक-दूसरे पर युद्ध अपराधों के आरोप लगाए। यूक्रेन ने रूस पर नागरिक इलाकों को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया, जबकि रूस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।