भिलाई (16 मार्च 26)। रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भिलाई स्थित पीपी यार्ड भिलाई में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित वैगन डैमेज डिटेक्शन सिस्टम की सफलतापूर्वक स्थापना और कमीशनिंग की गई है।
इस अत्याधुनिक प्रणाली का उद्देश्य यार्ड में परीक्षण के लिए आने वाली मालगाड़ियों के वैगनों में होने वाली भौतिक क्षतियों की तेज और सटीक पहचान करना है, जिससे मरम्मत कार्य को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके और रेल सुरक्षा को मजबूत किया जा सके। यह एआई आधारित प्रणाली मशीन लर्निंग एल्गोरिदम के माध्यम से वैगनों में होने वाली विभिन्न प्रकार की क्षतियों की पहचान करती है। इसके जरिए डोर की कमी, क्षतिग्रस्त दरवाजे, अवशिष्ट माल, फर्श की शीट की कमी और बॉडी पैनल में खराबी जैसे दोषों का स्वतः पता लगाया जा सकता है। किसी भी रेक के यार्ड में प्रवेश करने के बाद यह प्रणाली हाई-डेफिनिशन मशीन विजन कैमरों और विशेष प्रकाश स्रोतों के माध्यम से वैगनों की तस्वीरें लेकर उनका विश्लेषण करती है। इसके बाद प्रत्येक वैगन नंबर के साथ चिन्हित दोषों की विस्तृत रिपोर्ट स्वतः तैयार हो जाती है। यह प्रणाली पारंपरिक निरीक्षण प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही संभावित क्षतियों की जानकारी दे देती है, जिससे मरम्मत और रखरखाव की योजना जल्दी बनाई जा सकती है। तरुण प्रकाश के मार्गदर्शन में जोन में आधुनिक तकनीकों को अपनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। इस पहल से न केवल रेल सुरक्षा मजबूत होगी बल्कि माल परिवहन की दक्षता में भी उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।