नईदिल्ली (15 अगस्त 26)। एयर इंडिया ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक अहम कदम उठाया है। एक इंटरनल मेमो के अनुसार, एयर इंडिया गुरुवार से सभी पायलटों के लिए अनिवार्य सब्सटेंस टेस्टिंग (नशीले पदार्थों की जांच) शुरू करेगी। यह कदम रेगुलेटरी ज़रूरतों से आगे बढ़कर जांच का दायरा बढ़ाने के लिए उठाया गया है, क्योंकि हाल ही में हवा में हुई एक गंभीर घटना में शामिल एक पायलट मारिजुआना टेस्ट में पॉज़िटिव पाया गया था।
एक इंटरनल मेमो के अनुसार, एयर इंडिया गुरुवार से सभी पायलटों के लिए अनिवार्य सब्सटेंस टेस्टिंग (नशीले पदार्थों की जांच) शुरू करेगी, क्योंकि हाल ही में हवा में हुई एक गंभीर घटना में शामिल एक पायलट मारिजुआना टेस्ट में पॉज़िटिव पाया गया था। इन टेस्ट में एविएशन नियमों के तहत प्रतिबंधित पदार्थों और दवाओं की जांच की जाएगी। ये टेस्ट एयरलाइन की गुरुग्राम एकेडमी में ट्रेनिंग सेशन के दौरान, ब्रीफिंग सेंटर और ऑफिस में फ्लाइट के बाद, या पायलटों के होम बेस पर तय जगहों पर किए जाएंगे। एयर इंडिया की बजट सब्सिडियरी, एयर इंडिया एक्सप्रेस के पायलटों का भी टेस्ट किया जाएगा। एयर इंडिया ने टिप्पणी के लिए भेजे गए ईमेल का तुरंत कोई जवाब नहीं दिया। मौजूदा नियमों के तहत एयरलाइंस को हर साल अपने कम से कम 10% फ्लाइट क्रू का साइकोएक्टिव पदार्थों (दिमाग पर असर डालने वाले नशीले पदार्थों) के लिए रैंडम टेस्ट करना ज़रूरी होता है।