Wednesday, 30 Sep 2026

लता दीदी के जीवटता उनकी आवाज में देती है सुनाई: मुख्यमंत्री

इंदौर (29 सितंबर 24)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वर कोकिला भारत रत्न स्व. लता मंगेशकर का नाम एक अद्वितीय गायिका के रूप में देदीप्यमान है। उनके नाम से प्रदान किये जाने वाले सम्मान समारोह में आज पांच पीढ़ी बैठी नजर आ रही है। उन्होंने अपने जीवन में अनेक उतार-चढ़ाव और संघर्ष के बावजूद संगीत के क्षेत्र में ऐसी अद्वितीय पहचान बनाई जो पीढ़ियों तक अविस्मरणीय रहेगी। उनके जीवन के विविध पक्ष और जीवटता उनकी आवाज में सुनाई देती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर में राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान समारोह एवं संगीत संध्या को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लता दीदी ने कई पीढ़ी के गायकों के साथ सुमधुर गीत गाये। माँ सरस्वती को हमने न देखा और न सुना है, लेकिन लता दीदी की सुमधुर आवाज को सुन कर हमें साक्षात वीणा वादिनी का अहसास और स्पंदन होता है। उनकी जीवटता और उनके जीवन की यात्रा से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि हॉउस ऑफ कॉमन में प्रस्तुति देकर भारत का गौरव लता दीदी और सुश्री केएस चित्रा ने बढ़ाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान अलंकरण समारोह से सुप्रसिद्ध संगीतकार उत्तम सिंह एवं पद्मश्री से सम्मानित पार्श्व गायिका सुश्री के.एस. चित्रा की स्वर साधना को यह सम्मान प्रदान करते हुए वे गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में वर्ष 2022 के लिए संगीत-निर्देशक उत्तम सिंह और वर्ष 2023 के लिए पार्श्व गायिका सुश्री के.एस.चित्रा को राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने  सिंह एवं सुश्री चित्रा का शॉल-श्रीफल, प्रशस्ति-पत्र एवं 2 लाख रुपए सम्मान राशि का चेक भेंट कर सम्मानित किया। राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान अलंकरण समारोह एवं संगीत संध्या का मुख्य आयोजन इंदौर स्थित लता मंगेशकर सभागृह में हुआ।

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