लेह (01 अक्टूबर 25)। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में कानून व्यवस्था की मौजूदा स्थिति का आकलन करने के लिए माननीय उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने आज एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव डॉ. पवन कोतवाल, पुलिस महानिदेशक डॉ. एसडी सिंह जामवाल, सेना, सीआरपीएफ (और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने एलजी को नवीनतम घटनाक्रम, सुरक्षा तैयारियों और क्षेत्र में शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अंतर-एजेंसी समन्वय के बारे में जानकारी दी।
उपराज्यपाल ने 24 सितंबर को हुई दुर्भाग्यपूर्ण हिंसा की घटनाओं के दौरान घायल हुए सुरक्षाकर्मियों की स्थिति के बारे में पूछताछ की। उन्हें बताया गया कि विभिन्न स्थानों पर ड्यूटी के दौरान 105 सुरक्षाकर्मी घायल हुए, जिनमें 57 सीआरपीएफ कर्मी और 48 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल हैं। कविंदर गुप्ता ने आश्वासन दिया कि घायल कर्मियों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा उपचार मिलेगा और प्रशासन को उनके परिवारों को पूर्ण सहयोग देने का निर्देश दिया। उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा दिखाए गए साहस और समर्पण की गहरी सराहना की।उपराज्यपाल ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को शांति भंग करने के लिए जिम्मेदार शरारती तत्वों की पहचान करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हिंसा के कृत्यों में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। कानून अपना कड़ा रुख अपनाएगा, और सांप्रदायिक सद्भाव को बाधित करने की कोशिश करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।' उपराज्यपाल ने लद्दाख के लोगों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह क्षेत्र हमेशा शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, भाईचारे और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के लिए जाना जाता रहा है।