Thursday, 01 Oct 2026

लाल किले से पीएम ने बताई ‘शक्ति की सप्त धारा’

नईदिल्ली (15 अगस्त 26)।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में कहा कि आज़ादी के बाद पहली बार लाल किले से 'वंदे मातरम' गूंज रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से देश को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को कई सपनों के साथ आज़ादी तो मिली, लेकिन 'होती है', 'चलती है', 'हो जाएगा' और 'देखा जाएगा' वाली सोच के कारण कई सालों तक वह तेज़ी से आगे नहीं बढ़ पाया। पीएम ने कहा, हथियारबंद नक्सलियों से निपटा गया, अब 'दिमागी नक्सलियों' को अलग-थलग करना है।

 PM ने लाल किले से विकास के लिए 'शक्ति की सप्त धारा' (शक्ति की सात धाराएं) जैसे मुख्य क्षेत्रों की घोषणा की- मैन्युफैक्चरिंग: ग्लोबल स्टैंडर्ड को पूरा करने के लिए लागत, क्वालिटी और पैमाने को बहुत कॉम्पिटिटिव बनाना होगा। एग्रीकल्चर और फूड प्रोसेसिंग: हमारे प्रोडक्ट्स को ग्लोबल ब्रांड बनाने की ज़रूरत है। टेक्नोलॉजी और इनोवेशन: डिजिटल और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी पर ध्यान देने की ज़रूरत है। गति-शक्ति: तेज़ और निर्बाध कनेक्टिविटी पर ध्यान देना। रक्षा शक्ति: ड्रोन, सुपरसोनिक टेक्नोलॉजी जैसी अगली पीढ़ी की डिफेंस टेक्नोलॉजी पर ध्यान देना। ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी: हमारे पास ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी के लिए बहुत सारे संसाधन हैं। देश की सॉफ्ट पावर पर ध्यान देना: योग, आयुर्वेद, होलिस्टिक हेल्थ, क्रिएटिव संसाधन और टूरिज़्म को पहचान दिलाना।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों का इस्तेमाल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश ने 200 GW परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य रखा है और पांच नए परमाणु रिएक्टर स्थापित कर रहा है। PM मोदी ने यह भी कहा कि पाइप वाली गैस अब 1.75 करोड़ घरों तक पहुंच रही है, जबकि देश भर में 50 लाख से ज़्यादा घर सौर ऊर्जा से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधन में कहा कि सुधार उनकी सरकार के लिए एक संकल्प है, न कि कोई मजबूरी या महज चर्चा का विषय। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में कहा कि कोई भी देश तब महान बनता है और अपने लक्ष्य हासिल करता है, जब वह अपने सपनों, संकल्प और क्षमताओं के दम पर आगे बढ़ता है। 







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